Friday, January 19, 2018

इंदौर पुलिस की विशेष महिला सेल द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, महिलाओ के प्रकरणों का निराकरण


इन्दौर-दिनांक 19 जनवरी 2018- राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान मुंबई के साथ मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के सहयोग से मध्य प्रदेश में महिलाओं के हित को ध्यान में रखते हुये महिलाओं के लिए विशेष सेल की स्थापना पायलट स्टडी के अंतर्गत की गई है।
            इसी के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 5 जिलों - इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर,व सागर में स्थापित किये गई महिलाओं के लिये विशेष कक्ष में दिसंबर 2016 प्रारंभ किये गये हैंं महिलाओं के लिये स्थापित किये गये विशेष कक्ष - मुखयतः हिंसा का सामना कर रही महिलाओं को पुलिस व्यवस्था के अंतर्गत मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, कानूनी सेवा की मदद देते हैं। इससे पहले इस तरह के कक्ष महाराष्ट्र, हरियाणा, राज्यस्थान, गुजरात में पुलिस के साथ मिलकर शुरू किए गए थे जिसकी परिपाटी पर अब राज्य सरकार के अंतर्गत यह मध्यप्रदेद्गा राज्य का विद्गोष कार्यक्रम बन चुका है।

महिलाओं के लिए स्थापित किये गये विशेष कक्ष के मुखय उद्देश्य : -

·         हिंसा से ग्रसित महिलाओं में आत्म विद्गवास, आत्म-सम्मान, स्वयं की बोध का पुनःनिर्माण करना, तथा अन्य आवद्गयक सेवाओं को तत्काल प्रदान करना। जैसे :- काउंसलिंग, मेडिकल सुविधा, अल्पावास, मनोचिकित्सक, शिक्षण व वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए रेफर करना।
·         हिंसा से ग्रसित महिला के लिए पुरुष के साथ कार्य करना व पुलिस मदद दिलवाना तथा कानूनी सहायता की सुविधा प्रदान करना।
·         महिला व समाज को महिला संबंधी कानून के विषयों में जागरूक करना व महिलाओं के लिए विशेष कक्ष में कार्य का दस्तावेजीकरण करना ताकि समय-समयपर अनुसंधान एवं उचित समीक्षा की जा सके।
·         पुलिस व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रति जागरूकता के लिए प्रशिक्षण व विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना।
·         महिलाओं के लिए विशेष कक्ष के माध्यम से, हिंसा से ग्रसित महिलाओं को ना केवल प्रदेश स्तर पर मदद प्रदान करना है, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों, शहरों में जहां पर महिलाओं के लिए विशेष कक्ष कार्यरत है उन से जुड़कर भी ऐसी ग्रसित महिलाओं की सामाजिक तौर पर मदद करने की कोशिश भी महिला सेल के द्वारा की जाती हैं।
·         मध्य प्रदेश के 5 जिलों में स्थापित महिलाओं के लिए विशेष कक्ष के लिए पूर्णकालिक सामाजिक कार्यकर्ता महिलाओं को नियुक्त किया गया है, 5 जिलों में 2-2 सामाजिक कार्यकर्ता कक्ष में कार्यरत है, सभी सामाजिक कार्यकर्ता अनुभवी व टाटा सामाजिक संस्थान द्वारा नियुक्त प्रशिक्षित व शिक्षित हैं।

        इंदौर महिला विशेष सेल की स्थापना दिनांक 04 जनवरी 2017 को थाना परिसर नगर पुलिस अधीक्षक परदेशीपुरा के निकट की गई. उपरोक्त सेल में 1 वर्ष में कुल प्रकरण 450 प्राप्त हुये इन प्रकरणों में अधिकतर प्रकरण घरेलू हिंसा के 353, संपत्ति विवाद के 44,वरिष्ठ नागरिकता के 40, शादी के नाम पर झांसा देने के 11, एवं कार्यस्थल पर यौन हिंसा के 2 प्रकरण प्रकाश में आये है। उपरोक्त प्रकरणों को शहर के विभिन्न अलग-अलग थानों के द्वारा भेजा गया तथा कुछ प्रकरण सरकारी एवं गैरसरकारी संस्थानों के द्वारा भी भेजे गए। महिला सेल में प्राप्त कुल 450 आवेदनों में से 107 प्रकरण में दोनों पक्षों से बात की गई जिसमे हिंसामुक्त समाज बनाने के लिये दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन पाई।
      महिला विशेष सेल में कार्य के दौरान अन्य विभागों के साथ मिलकर भी कार्य किया गया जैसे कि क्ल्लेक्ट्रेट कार्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, तथा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओ के साथ सामूहिक चर्चा भी की गई. वर्ष 2017 में प्रत्येक मंगलवार को डीआईजी/एसपी महोदय के समक्ष पुलिस जनसुनवाई में भी भागीदारी महिला विशेष सेल द्वारा निभाई गई।
जिसमें
1.            26 वर्षीय महिला जो पिछले 6 माह से अलग रह रही थी, जिसके पति व सास के द्वारा 9 सालों से घरेलु हिंसा की जा रही थी. उपरोक्त महिला के द्वारा महिला सेल में आवेदन देने के पश्चात्‌ पति व सास को बुला कर बात की गई और ससुराल पक्ष को महिला हिंसा व महिला अधिकारों के विषयमें जागरूक किया गया जिसके परिपेक्ष्य में पुरुष ने पत्नी की परेशानी को समझा और जिम्मेदारी ली है की वह भविष्य में हिंसा नही करेगा . महिला भी अब पहले से ज्यादा सशक्त है और परिवार के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी सेल से जोड़ रही है आज महिला अपने ससुराल में हिंसा मुक्त जीवन जी रही हैं। 

2.            इसी प्रकार एक अन्य महिला उम्र 28 वर्ष निवासी इंदौर ने शिकायत की थी जिसमे उसके मायके पक्ष के चाचा/ चाची द्वारा हिंसा कर सम्पति संबंधी विवाद किया जा रहा था जिसके कारण वह मानसिक और शाब्दिक हिंसा 1 साल से सहन कर रही थी । महिला को पुलिस जनसुनवाई के माध्यम से सेल भेजा गया जिसमे दुसरे पक्ष को सेल बुलाकर बात की गई दुसरे पक्ष ने सम्पति से सम्बंधित कानून को समझा और सहमति बनाई कि दूसरा पक्ष मानसिक और शाब्दिक हिंसा नही करेगा तथा दोनों पक्षो ने किसी भी प्रकार की हिंसा ना करने के लिए अपनी- अपनी जिम्मेदारी ली. अब महिला ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओ के साथ सामूहिक बैठक का आयोजन करने में मदद कर रही है व सेल से दूसरी महिलाओ को लाभान्वित कर रही है ।



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