Sunday, October 13, 2019

*" आदर्श मार्ग " पर आज, जयपुरिया कॉलेज, वेब्जिलिटी और फ्रीलांसर के वालंटियर्स ने व्यवस्था संभाली*


                                                                           इंदौर- दिनांक 13 अक्टूबर 2019-  इन्दौर शहर में यातायात के सुगम प्रबंधन हेतु "विजन 2022" के नाम से एक विस्तृत योजना लागू की गई है।
इसके अन्तर्गत शहर के यातायात में सुधार, लोगों की भागीदारी से सुनिश्चित करने की योजना को मूर्त रूप देने के लिए अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक श्री वरूण कपूर  के निर्देशन में "विजन 2022" के दूसरे चरण के तहत पलासिया चौराहा से रीगल चौराहा तक के मार्ग को *"आदर्श मार्ग"* के रूप में
चिन्हित कर, स्कूल/कॉलेज एवं अन्य संस्थानों के वालंटियर्स (volunteers) के माध्य़म से नागरिकों में  यातायात के प्रति जागरूकता लाने के प्रयास किये जा रहे है।
इसी क्रम में आज दिनांक 13.10.19, रविवार को *आदर्श मार्ग*, पलासिया से रीगल के बीच सभी चौराहों पर *जयपुरिया कॉलेज, वेब्जिलिटी और फ्रीलांसर १०० से अधिक फॉलेंटर्स ने ट्रैफिक संभाला*

इन्दौर ट्राफिक "विजन 2022" के अन्तर्गत निम्न 6 बिन्दुओं से इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को जागरूक किया गया-
1. दुपहिया वाहनों के लिए हेल्मेट पहनना।
2. चार पहिया वाहनों के लिए सीट बेल्ट़ का उपयोग।
3. नो पार्किंग में वाहन खडे नहीं करना।
4. राँग साईड वाहन नहीं लाना।
5. वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोग नहीं करना।
6. अकारण हार्न का उपयोग नहीं करना।
इंदौर ट्रैफिक पुलिस इन बिन्दुओं पर लोगों को लगातार जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध है...




प्रेस नोट* *"ऑपरेशन उजागर" में एक और महत्वपूर्ण सफलता* *"थाना चंद्रावतीगंज के तीन साल पुराने प्रकरण को सुलझाया"*

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*इन्दौर,      दिनांक 13 अक्टूबर, 2019          श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन व्दारा सम्पूर्ण जोन में चलाये जा रहे "फाईल बंद" हत्या के प्रकरणों को सुलझाने की मूहीम "ऑपरेशन उजागर" में एक और महत्वपूर्ण मिली है। दिनांक 17/04/2016 को थाना चन्द्रावतीगंज में घटित जघन्य़ हत्याकांड को श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन व्दारा गठित की गई "विशेष जाँच टीम" ने सफलता-पूर्वक सुलझा लिया है और इस घटना में लिप्त़ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।*

*2 "ऑपरेशन उजागर" की इस नवीनतम सफलता की जानकारी देते हुए श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन ने बताया कि थाना चन्द्रावतीगंज में घटित मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल की हत्या के संबंध में मुखबिर व्दारा सूचना प्राप्त़ हुई कि उसी गाँव के निवासी, एक अन्य़ नायता पटेल परिवार के व्दारा इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। इस सूचना पर श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन ने "विशेष जाँच टीम" को इसकी तस्दीक करने हेतु निर्देशित किया। जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य़ परत-दर-परत पुलिस दल के सामने आते गये जिससे अंतत: यह जघन्य़ हत्याकांड सुलझाया गया।*

*3 श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन ने आगे बताया कि थाना चन्द्रावतीगंज में 2 नायता पटेल परिवारों में घटना से एक वर्ष से अधिक अवधि से जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। छीतू पटेल के परिवार की जमीन मांगू पटेल के परिवार की जमीन के पीछे स्थित थी। छीतू पटेल व उसके बेटे अपनी जमीन पर कॉलोनी का निर्माण करना चाहते थे परन्तु आगे स्थित मांगू पटेल की जमीन से होकर उन्हें रास्ता नहीं मिल रहा था। इस बाबद दोनों परिवारों में विवाद था, जो स्थानीय तहसील कार्यालय तक पहुँच गया था। तहसील कार्यालय में कई बार दोनों परिवारों में इस मुद्दे को लेकर विवाद भी हुआ था। इस हत्या की घटना से लगभग एक माह पूर्व इस विवाद ने गम्भीर रूप तब धारण कर लिया था, जब छीतू पटेल का बेटा रईस, अपने साथ अनवर नामक व्य़क्ति को लेकर आया और मांगू पटेल को घर में यह कहते हुए धमकाया कि वे तत्काल उन्हें रास्ता प्रदान कर दें अन्यथा जो खंबे मांगू पटेल अपनी जमीन में गाढ रहा है वह उनको उखाड भी देगा और मांगू पटेल को उस जमीन में गाढ भी देगा। अनवर पटेल, थाना कानवन क्षेत्रांतर्गत मुरडका का निवासी था और पूर्व में भी छीतू पटेल के परिवार के लिए लोगों को धमकाने, चमकाने का कार्य करता आया था। अनवर पटेल का क्षेत्र में आतंक था और उसका एक भाई अरबअली, हत्या के प्रकरण में जेल में निरूध्द़ है और दूसरे भाई अय्यूब पटेल की हत्या हो चुकी है। अनवर पटेल के माध्य़म से रईस व्दारा दी गई धमकी के बाद भी जमीन का विवाद सुलझ नहीं रहा था। इस पर रईस ने और जघन्य़ कदम उठाने की बात मन में ठान ली थी।*

*4 इसके उपरांत रईस पिता छितू पटेल ने चंद्रावतीगंज के ही एक कुख्यात आरोपी शाकिर पिता एहमदनूर से सम्प़र्क किया, जिसकी सुपारी लेकर लोगों पर हमला करने की शोहरत थी । शाकिर पिता एहमदनूर पर पूर्व में हत्या, लूट, अवैध शस्त्र रखने आदि के 8 गम्भीर प्रकरण भी दर्ज थे। शाकिर से रईस ने मांगू पटेल को रास्ते से हटाने की बात की । इस काम के लिए शाकिर ने पचास हजार रूपए कीमत मांगी थी, जो कुछ समय बाद रईस ने उसको प्रदान किए थे । इसके बाद रईस, अनवर एवं शाकिर ने मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल उम्र 65 साल निवासी धर्माट रोड, चंद्रावतीगंज की हत्या करने की योजना बनायी। अब अवसर को देखकर इन आरोपियों की इस जघन्य़ कांड को अंजाम देने की पूरी तैयारी थी और घटना वाली शाम को तीनों आरोपी चंद्रावतीगंज में मिले। उन्हें यह मालूम था कि प्रत्येक रात्रि में मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल अपने खेत में बने मकान में जाकर सोता है तो उन्होंने घटना को देर रात्रि में खेत के मकान में ही अंजाम देने की योजना बना ली थी। देर रात्रि में तीनों आरोपी मोटर सायकिल से मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल के खेत के मकान में पहुँचे और बाहर से आवाज देकर कहा "मांगू मामा दरवाजा खोलों" यह आवाज सुनकर मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल ने किंवाड खोल दिया। जैसे ही दरवाजा खोला गया, वैसे ही अनवर ने व्हील पाने से मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल के सर पर 2 वार किये जिससे वह मूर्छित होकर जमीन पर गिर गया था उसके बाद में शाकिर ने अपने गमछे से उसका गला घोंट दिया । इस दौरान अनवर एवं रईस ने उसके हाथ पीछे से पकड रखे थे। इसके थोडी देर बाद मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल की मृत्यु हो गई और यह घटना लूट की है, ऐसा सिध्द करने के लिए तीनों आरोपी मृतक मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल की बिना नंबर की नई मोटर सायकल को लेकर घटना स्थ़ल से फरार हो गये । आरोपीगण मोटर सायकल पर सवार होकर चंद्रावतीगंज से हातोद रोड पर कुछ दूर गये और फिर सुनसान इलाके में मृतक की मोटर सायकल फेंक दी और मोटर सायकल में रखे हुए मृतक मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल के ड्रायविंग लायसेंस को अपने साथ ले गये । मृतक की मोटर सायकल नयी थी इसलिए उस पर नंबर भी नहीं था।*

*5 इस प्रकार विशेष जाँच दल व्दारा की गई सटीक जाँच उपरांत उन्होंने जब शाकिर पिता एहमद नूर उम्र 35 साल, निवासी जलोदिया खेडा थाना गौतमपुरा को हिरासत में लिया तब उसने उपरोक्त़ सम्पूर्ण घटनाक्रम उगल दिया था। इस पर तत्काल कार्यवाही करते स्थानीय पुलिस के सहयोग से पुलिस दल व्दारा अन्य़ आरोपी रईस पिता छितू पटेल उम्र 32 साल निवासी धर्माट रोड, चंद्रावतीगंज एवं अनवर पिता हुसैन पटेल जाति नायता उम्र 49 साल, निवासी मुरडका थाना कानवन जिला धार को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त़ व्हील पाना व अन्य़ सामग्री तथा मृतक मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल का ड्रायविंग लायसेंस भी आरोपी से बरामद किया है, परन्तु इस जघन्य़ हत्याकांड का खुलासा यहीं खत्म़ नहीं हुआ। इसमें कई और मोड भी आये जिसने इस हत्याकांड को और भी रोचक बना दिया है। इस जानकारी के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य़ बताते हुए श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन ने बताया कि पुलिस विवेचना के दौरान शाकिर का नाम संदेहियों में आ रहा था तब अपने आपको निर्दोष साबित करने के लिए शाकिर ने एक अन्य़ चाल चली। उसने फरियादी पक्ष से सम्प़र्क किया और मृतक मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल के बेटे छोटू पिता मांगीलाल पटेल, जाति नायता निवासी धर्माट रोड, चंद्रावतीगंज को यह कहानी गढ कर सुनायी कि उसके मित्र सरदार पठान, जो कि मंदसौर में रहते हैं, उसके हाली ने सरदार को आकर यह बताया कि खेत में जब वह काम करता था तब उसे 2 व्य़क्ति मिले थे जिन्होंने यह बताया था कि चंद्रावतीगंज में जघन्य़ हत्या उन्होंने की और मांगू उर्फ मांगीलाल पटेल नामक व्य़क्ति को मौत के घाट उतारा था। शाकिर ने फरियादी के पुत्र को यह भी बताया कि वह उन्हें मंदसौर ले जाकर इन लोगों से और विस्तृत जानकारी दिलवा सकता है। शाकिर की इस बात पर विश्वास करके छोटू एवं उसके एक साथी के साथ वह मंदसौर गया था, जहां उन्हें सरदार पठान मिला था। वहां पर सरदार पठान ने उन्हें यह भी बोला कि चंद्रावतीगंज की पुलिस तो उनकी समुचित मदद नहीं कर पाई परन्तु मंदसौर में उनको क्राईम ब्रांच के एक अधिकारी की जानकारी है जो उनकी पूरी मदद करेगा। ऐसा कहते हुए उन्होंने एक व्य़क्ति को वहां पर बुलाया, जो दिखने में पुलिस अधिकारी की तरह प्रतीत हुआ था और उसने सारी बातें नोट भी की और पूरी मदद करने का आश्वासन भी दिया। इस पूछताछ के बाद छोटू वापस अपने गाँव आ गया था और प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही का इंतजार करने लगा। इसके बाद जल्द़ ही शाकिर एवं क्राईम ब्रांच के उस कथित पुलिस अधिकारी ने छोटू से पैसों की मांग की और विभिन्ऩ किश्तों में लगभग दो लाख अस्सी हजार रूपए छोटू ने उनको दिये, परंतु छोटू को उनसे कोई मदद नहीं मिली एवं थोडे दिन बाद सरदार एवं तथाकथित पुलिस आफिसर ने अपने मोबाईल फोन बंद कर लिये थे। इस प्रकार उनसे भी पता चलने की उम्मीद खत्म़ होने के बाद फरियादी पक्ष भी चुप हो गया था। इस प्रकार शाकिर ने न केवल अपनी उपरोक्त़ हत्याकांड में संलिप्तता नहीं होने का प्रमाण फरियादी पक्ष को करा दिया अपितु भारी मात्रा में धनराशि भी उनसे एंठ ली थी। इस तथ्य़ की भी विशेष जाँच दल ने जाँच की तो पता चला कि तथाकथित पुलिस अधिकारी वास्त़व में कोइ फर्जी व्य़क्त़ि था और असल व्य़क्ति तक पहुंचने की कार्यवाही पुलिस कर रही है।*

*6 अंत में श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन  ने बताया कि इस प्रकार जघन्य़ हत्याकांड, जो कि किन्हीं कारणों से फाईल बंद हो गया था, उसे सुलझा कर "विशेष जाँच दल" ने महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है। "विशेष जाँच दल" के प्रभारी अधिकारी श्री रीतेश नागर, उप निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र मिश्रा की सराहनीय एवं प्रशंसनीय भूमिका रही और उन्हें इस हेतु पुरस्कृत भी किया जायेगा।  जाँच दल में सम्मिलित आरक्षक जयवंत एवं आरक्षक चालक शुभम राठी के व्दारा भी मेहनत एवं लगन से कार्यवाही की है। इस नवीनतम सफलता के साथ श्री वरूण कपूर, अतिरिक्त़ पुलिस महानिदेशक, इन्दौर जोन के व्दारा अपनी विभिन्ऩ पूर्व पदस्थापनाओं में चलाये गये "ऑपरेशन उजागर" के अंतर्गत अभी तक 105 हत्या के फाईल बंद प्रकरण सुलझाये गये हैं और आगे भी सम्पूर्ण जोन में ऐसे प्रकरणों को सुलझाने की मूहीम जारी रहेगी ऐसा आश्वासन भी दिया गया है।*

· बड़े स्तर संचालित हो रहे सट्टे के अड्‌डे पर क्राईम ब्रांच इंदौर ने दी दबिश, 04 आरोपी धराये। · आरोपियों के कब्जे से नगदी सहित करोड़ों रुपये की सट्टा पर्ची का लेखा जोखा मिला। · 05 कैल्कुलेटर, 11 मोबाईल फोन, रजिस्टर/डायरी, फर्जी सिम कार्ड, 02 दोपहिया वाहन सहित, 50 हजार से अधिक सट्टा पर्चिंया बरामद। · यूरेसिया स्कूल परिसर के उपर ही किराये के मकान में संचालित हो रहा था अवैद्य सट्टा। · व्हाट्‌सऐप के माध्यम से ''मिलन तथा कल्याण'' नामक सट्‌टे के हजारों लोगों को एक साथ भेजे जाते थे भाव, प्रलोभन देकर, ग्राहकों को लुभाते थे आरोपी। · आरोपीगण, विजेताओं को भुगतान नगद कैश के अलावा आनलाईन मनी ट्रांसफर के विभिन्न वैलेट जैसे पेटीएम, गूगल पे, फोनपे आदि माध्यमों से भी करते थे। · पुलिस गिरफ्त से बचने के लिये फर्जी सिम कार्ड का प्रयोग कर व्हाट्‌सऐप चलाते थे आरोपी, कई फर्जी सिम कार्ड मौके से बरामद। · क्राईम ब्रांच इंदौर तथा थाना तिलकनगर पुलिस द्वारा की गई संयुक्त कार्यवाही



इन्दौर दिनांक 13 सितबंर 2019- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र इन्दौर (शहर) व्दारा शहर में बड़े स्तर पर अवैध रूप से सट्टा संचालित करने वाले अपराधिक तत्वों के संबंध में सूचना संकलित कर उनके अड्‌डों पर छापामार कार्यवाही करते हुये सटोरियों की धरपकड़ करने हेतु इंदौर पुलिस को निर्देशित किया गया था। उक्त उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस अधीक्षक (मुखयालय) इंदौर श्री सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राईम) श्री अमरेन्द्र सिंह द्वारा क्राईम ब्रांच की समस्त टीम प्रभारियों को इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से वैद्यानिक कार्यवाही करने हेतु समुचित दिशा निर्देश दिये गये।
                                इसी अनुक्रम में क्राईम ब्रांच इन्दौर की टीम को मुखबिर तंत्र के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ लोग बडे स्तर पर थाना तिलकनगर क्षेत्रांतर्गत वंदना नगर में अवैध तरीके से सट्टा संचालित कर रहे हैं। प्राप्त सूचना पर उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्री आलोक शर्मा के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा थाना तिलकनगर पुलिस को अवगत कराते हुये संयुक्त कार्यवाही कर वंदना नगर में मुखबिर से ज्ञात स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी कर दविश दी गई जहां (1) सुनील कुमावत पिता नानूराम कुमावत उम्र 32 वर्ष निवासी- 85 विराट नगर, मूसाखेडी, इन्दौर (2) राहुल कुमरावत पिता कैलाश उम्र 20 वर्ष निवासी-29 संजय नगर, खरगौन हाल मुकाम-राजश्री पैलेस कालोनी तिलक नगर, इन्दौर (3) जयपाल सोंलंकी पिता बने सिहं सोलंकी उम्र 35 वर्ष निवासी- 46 डी, नगीन नगर, एरोड्रम, इन्दौर एवं (4) अमरीश पिता छगनलाल राठौर उम्र 40 वर्ष निवासी-66 हनुमान मार्ग बागली, जिला देवास हाल मुकाम राजश्री पैलेस कालोनी, तिलक नगर इन्दौर उपस्थित मिले जोकि परस्पर मोबाईल फोन में व्हाट्‌सअप के जरिये, तथा अन्स सट्‌टे के उपकरणों का उपयोग कर अवैद्य तरीके से सट्‌टा संचालित कर रहे थे उपरोक्त चारों व्यक्ति पुलिस टीम को मौके पर देख भागने का प्रयास करने लगे जिन्हें पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर धरदबोचा गया।
मौके पर तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से लगभग 20 हजार रूपये नगद, 05 कैल्कुलेटर, 11 मोबाईल फोन, सट्‌टे के हिसाब किताब हेतु प्रयोग किये जाने वाले रजिस्टर/डायरी, तथा पेन, फर्जी सिम कार्ड सहित करोड़ों रुपये की सट्टा पर्ची का लेखा जोखा, बरामद हुआ इसके अतिरिक्त 01 मोटरसाईकिल, तथा 01 एक्टिवा भी बरामद हुई। सभी आरोपियों द्वारा अवैद्य रूप से सट्‌टा संचालित करने के परिपेक्ष्य में थाना तिलकनगर में अपराध क्रमांक 331/19 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि, 3सार्वजनिक जुआ अधिनियम एवं 66 आई.टी. एक्ट के तहत पंजीबद्ध किया गया है।
प्रांरभिक तस्दीक में ज्ञात हुआ है कि आरोपीगणों द्वारा सट्‌टे के भाव तथा सौदे के लिये व्हाट्‌सऐप का उपयोग किया जाता था जिसके माध्यम से वह एक साथ हजारों लोगों को सट्‌टे का भाव भेजता था तथा व्हाट्‌सऐप मैसेज के प्रति उत्तर में ग्राहक द्वारा ओ0 के0 रिप्लाय कर देने पर सौदा तय माना जाता था। आरोपियों के कब्जे से बरामद 11 मोबाईल फोन में हजारों ग्राहकों का आरोपियों के सट्‌टे के कारोबार से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा होना ज्ञात हुआ है। आरोपीगण शातिर हैं जोकि पुलिस कार्यवाही के भय से फर्जी सिम का उपयोग कर व्हाट्‌सऐप एकाउण्ट निर्मित करते थे तथा उन्हीं के माध्यम से रोजाना लाखों रूपये के कारोबार का गोरखधंधा करते थे। आरोपियों से बरामद सट्‌टा पर्चियों की संखया भी 50 हजार से अधिक होने की संभावना है।
उपरोक्त सट्‌टा गिरोह का मुखय सरगना आरोपी सुनील है आरोपी लम्बे समय से सट्‌टे का अवैद्य व्यापार करते आ रहा है जोकि पूर्व में भी सट्‌टा संचालित करता था लेकिन गत वर्ष में थाना आजाद नगर पुलिस की कार्यवाही में सट्टे के प्रकरण में जेलमें निरूद्ध किया गया था जहां से छूटने के बाद वह जगह बदलकर, जनवरी 2019 से वंदना नगर पिपल्याहाना में किराये का मकान लेकर सट्टे का कारोबार करने लगा था। आरोपी सुनील से पूछताछ में सट्‌टे की लिंक की जानकारी ज्ञात हुई है जिसके संबंध में विस्तृत तस्दीक की जा रही है।
आरोपी राहुल कुमरावत ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह स्नातक का विद्यार्थी है जोकि गिरोह के सरगना सुनील का दोस्त है जिसके साथ मिलकर फोन पर व्हाट्‌सऐप के माध्यम से ग्राहकों को सट्‌टे के भाव तथा अंको की जानकारी भेजता था। आरोपी सुनील ने सट्टे के व्यवसाय में धकेल कर उसे अवैद्य लाभ अर्जन की लत लगा दी जोकि रोजाना हजारों मोबाईल नम्बरों पर फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर, सट्‌टे की भावपर्ची को भेजता था तथा प्रतिउत्तर में प्राप्त ओ0के0 मैसेज धारकों का हिसाब किताब रजिस्टर में इन्द्राज करता था। प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी कई बार सीधे फोन कॉल के माध्यम से भी ग्राहकों से सट्‌टे के भाव की डील करता था।
आरोपी जयपाल सोलंकी ने बताया कि विगत 05 माह से सुनील कुमावत के साथ मिलकर सट्टा का काम कर रहा है। आरोपी ने पूर्व में भी सन्‌2016-17 में इन्द्रा नगर क्षेत्र में सट्टे का काम करना कबूला तथा बताया कि वर्ष 2017 में मारपीट का प्रकरण थाना एरोड्रम में दर्ज हो जाने से तत्समय कारोबर बंद कर दिया था जोकि पुनः सुनील के साथ मिलकर गत 5-6 माह से राजाजी पैलेस, वंदना नगर, तिलक नगर आदि क्षेत्रों में सट्टे के अड्‌डे संचालित कर रहा था। आरोपी जयपाल ने कल्याण व मिलन नामक सट्टे पर हार जीत के दाव का अवैद्य गोरखधंधा करना कबूला है।  आरोपी अमरीश बागली, जिला देवास का रहने वाला है। जो कि फोन कॉल तथा व्हाट्‌सऐप के माध्यम से विभिन्न प्रलोभन देकर, सट्टा खेलने वाले ग्राहकों को लुभाता है। आरोपी ने बताया कि उपरोक्त सट्‌टे का व्यापार वह, अपरान्ह्‌ 2 बजे से 6 बजे एवं रात में 9 से 12 बजे की मध्यावधि में करते थे। आरोपीगणों द्वारा सट्‌टा पर्ची के विजेताओं को भुगतान नगद कैश के अलावा आनलाईन मनी ट्रांसफर के विभिन्न वैलेट जैसे पेटीएम, गूगल पे, फोनपे आदि माध्यम से भी किया जाना ज्ञात हुआ है। आरोपियों द्वारा धोखाधड़ीपूर्वक फर्जी दस्तावेज के आधार पर सिम प्राप्त कर उनका दुरूपयोग करने पर 467. 468. 471 भादवि तथा 66 आईटी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है।उपरोक्त गिरफ्तार सट्‌टा गिरोह से विस्तृत पूछताछ जारी हैं जिनसे अन्य संलिप्त लोगों के नाम उजागर होने की संभावना है।





इन्दौर पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असमाजिक तत्वों के विरूद्ध की जा रही प्रभावी कार्यवाही में, 93 अपराधी एवं असमाजिक तत्व इन्दौर पुलिस की गिरफ्त में



इन्दौर-दिनांक 13 अक्टूबर 2019-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इंदौर, श्रीमती रूचि वर्धन मिश्र के निर्देशन में इन्दौर पुलिस के द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 के सुबह से आज दिनांक 13 अक्टूबर 2019 के सुबह तक फरार, स्थायी व गिरफ्तारी वारंटियों तथा अपराधियों व असमाजिक तत्वों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए कुल 93 अपराधियों एवं असमाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया। जिसके अंतगर्त-

18 आदतन व 21 संदिग्ध बदमाश गिरफ्तार
इन्दौर पुलिस द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को शहर में अपराध करने की नीयत से घूमने वाले संदिग्ध बदमाशों तथा ऐसे आदतन अपराधी जो अपराध के बल पर ही अपनी आजिविका चलाते है, के विरूद्ध विभिन्न थाना क्षैत्रान्तर्गत में वैधानिक कार्यवाही करते हुए 18 आदतन व 21 संदिग्ध बदमाशों को गिरफ्तार किया जाकर धारा 110, 151 जा.फौ. के तहत प्रतिबन्धात्मक कार्यवाही की गई।

05 गैर जमानती, 40 गिरफ्तारी एवं 118 जमानती वारण्ट तामील
इन्दौर पुलिस द्वारा शहर में विभिन्न थाना क्षेत्रान्तर्गतमें कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 05 गैर जमानती, 40 गिरफ्तारी एवं 118 जमानती वारण्ट तामील किये गये। पुलिस द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रो में, न्यायालयों द्वारा विभिन्न प्रकरणो में जारी बदमाशों, अपराधियों एवं असमाजिक तत्वों के वारन्ट तामिल कराकर, वैधानिक कार्यवाही की गयी।

सट्‌टे की गतिविधियों मे लिप्त मिलें, 01 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस थाना संयोगितागंज द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 15.55 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर दो नबंर स्कुल ग्राउंड के मे से सट्‌टें की गतिविधियों मे लिप्त मिलें, 599 विनोबा नगर निवासी रितेश को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से 950 रूपयें कीमत की सट्‌टा उपकरण जप्त कियें गयें।
पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके विरूद्व सट्‌टा एक्ट के तहत्‌ प्रकरण पंजीबद्व कर कार्यवाही की गयी है।

अवैध शराब सहित 06 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस थाना हीरानगर द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 17.10 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर कबीटखेडी नालें के पास से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, सुदंर नगर कालोनी निवासी आयुष राठौर और लाहिया कालोनी निवासी आशीष कुशवाहे को पकडा गया। पुलिसद्वारा इसके कब्जे से 36 क्वाटर अवैध शराब जप्त की गई।
पुलिस थाना छत्रीपुरा द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 10.45 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर मंहु नाका तरूण पुष्कर के पास गैरेज के साइड में से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, सी 17 अर्जुनपुरा मल्टी निवासी श्याम मोहबें को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से अवैध जहरीली शराब जप्त की गई।
पुलिस थाना चदंन नगर द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 23.55 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर चदंन नगर चौराहें के पास खाली मैदान में से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, 204 ऋषि पैलेस कालोनी इंदौर निवासी चरण सिंह राठौर को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से 1500 रूपयें कीमत की 25 क्वाटर अवैध शराब जप्त की गई।
पुलिस थाना द्वारकापुरी द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 14.20 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर अहीरखेडी कांकड पावर हाउस के पास से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, अहीरखेडी कालोनी इंदौर निवासी आकाश पिता लच्छुराम बामनिया को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से 950 रूपयें कीमत की 19 क्वाटर अवैध शराब जप्त की गई।
पुलिस थाना बडगौंदा द्वारा कल दिनांक12 अक्टूबर 2019 को 19.00 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर फोरलेन ढाबा के सामनें नभविलय ढाबे के सामनें से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, नव विलय ढाबा इंदौर निवासी अजय सोलंकी को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से 1200 रूपयें कीमत की 20 क्वाटर अवैध शराब जप्त की गई।
पुलिस थाना देपालपुर द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 15.30 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर 24 अवतार मंदिर रोड के पास देपालपुर से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, ग्राम खजराया इंदौर निवासी शिव पटेल को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से अवैध शराब जप्त की गई।
पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके विरूद्व आबकारी एक्ट के तहत्‌ प्रकरण पंजीबद्व कर कार्यवाही की गयी है।

सार्वजनिक स्थान पर शराब पितें हुए मिलें, 01 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस थाना गांधीनगर द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 22.10 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर पावर हाउस के सामनें गोमटगिरी से अवैध शराब बेचतें हुए मिलें, गड्‌डे वाली मल्टी निवासी शिवाजी को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से अवैध शराब जप्त की गई।
पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके विरूद्व आबकारी एक्ट के तहत्‌ प्रकरण पंजीबद्व कर कार्यवाही की गयी है।

अवैध हथियार सहित 01 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस थाना कनाडिया द्वारा कल दिनांक 12 अक्टूबर 2019 को 01.50 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर सरकारी स्कुल के सामनें बिचौली मर्दाना से अवैध हथियार लेकर घूमते हुए मिलें, फ्लेट न 39-40 आईडिया मल्टी भुरी टेकरी निवासी आदित्य उर्फ मोनु मुराडिया को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से एक अवैध छूरा जप्त की गई।
पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके विरूद्व आर्म्स एक्ट के तहत्‌ प्रकरण पंजीबद्व कर कार्यवाही की गयी है।