Tuesday, May 7, 2019

इंदौर पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों के लिये किया गया ’’स्वस्थ हृदय-स्वस्थ जीवन’’ कार्यशाला का आयोजन।




इंदौर - 07 मई 2019-  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इंदौर श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र, के निर्देशन में पुलिसकर्मियों में अनियमित जीवनशैली के चलते बढ़ रही तनावग्रस्तता तथा अस्वस्थता पर अंकुश पाने, स्वास्थ संबंधी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा उन्हें स्वस्थ रहकर अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिये, बीमारी होने के कारण, इनसे बचाव तथा इनके उपचार हेतु जागरूक किये जाने के लिये पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री अवधेश गोस्वामी के मार्गदर्शन में इंदौर पुलिस द्वारा आज दिनांक 07.05.2019 दिन मंगलवार को प्रातः 10 बजे चरक हास्पिटल के पास संतोष सभागृह में हृदयाघात तथा विचाराघात के संबंध में कार्यषाला आयोजित की गई जिसमें देश के प्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ डा0 भारत रावत (एमडीए डीएम कार्डियोलॉजी) द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गई। डा0 भारत रावत वर्तमान में कार्डियोलाजिस्ट के रूप में मेदांता अस्पताल इंदौर में कार्यरत् है जिन्होंनें हृदयरोग के उपचार तथा हृदयरोग से बचाव के संबंध में विश्व प्रसिद्ध ख्याति हासिल की है।

डा0 भारत रावत ने पुलिसकर्मियों को हृदयाघात, रक्तचाप, एवं मधुमेह की बीमारी होने पर उसके बचाव, सावधानियां तथा उपचार के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्स दिये जिसमें उन्होंनें बताया कि आधुनिक परिदृशय में पुलिस की कार्यशैली अनियमित होने से कई बीमारियां पुलिसकर्मियों को घेर लेती हैं जिसके लिये यदि आप जागरूक हैं तो बीमारी को स्वयं पर हावी होने से आसानी से रोका जा सकता है। डा0 रावत ने बताया कि मरीजों के ईलाज के दौरान चिकित्सक अगर दवाओं/ऑपरेशन के अलावा यदि उसे नियमित व्यायाम, प्राणायाम, और ध्यान करने हेतु प्रेरित करें तो आसानी से रोगों पर अंकुश पाया जा सकता है। डा0 रावत ने कहा कि यदि नियमित ध्यान किया जाये तो पुलिसकर्मियों को तनावग्रस्तता से पार पाने में आसानी होगी उन्होने बताया के अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी हृदयाघात से बचाव के लिये प्राणयाम को स्वीकार किया है। 
डा0 रावत ने कार्यक्रम में आगे ह्दयाघात होने के कारण, सीने में जलन, सीने में अकस्मात दर्द होने आदि के संबंध में पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण बातें बताई। डा0 रावत ने बताया कि हर बार सीने में दर्द का कारण हृदय सं संबंधित नहीं होता है। डा0 रावत ने हृदयाघात से बचने के लिये कई बार खुलकर हंसने की सलाह भी दी साथ ही उन्होने कहा कि छोटी छोटी चीजों से खुशीप्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए जिससे निर्मल मन , शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होगा।

डा0 भारत रावत द्वारा मूर्च्छित व्यक्ति को कैसें जीवित करें? के संबंध में भी पुलिसकर्मियों को जानकारी दी गई। पुलिस बल ने लाइव डमी पर डा0 भारत द्वारा बताये गये हथकण्डे अपना कर जाना कि किसी मूर्च्छित व्यक्ति को कैसें पुर्नजीवित किया जाता है तथा तत्समय की जाने वाली कार्यवाही में कौन सी बातें ध्यान रखने योग्य हैं? डा0 भारत रावत द्वारा बताई गई कार्यप्रणाली मैदानी पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को उन परिस्थितियों में काफी मददगार साबित होगी जब कोई व्यक्ति अथवा पीड़ित किसी रोड एक्सीडेण्ट, लडाई झगड़ें में मारपीट का शिकार हो जाता है या फिर नदी/तालाब के भराव में डूबकर मूर्च्छित हो जाता है। ऐसी स्थिति में मौके पर पुलिस द्वारा पीड़ित की उपचार के संबंध में त्वरित तौर पर क्या मदद की जा सकती है इन बिंदुओं पर विस्तार से की गई चर्चा में पुलिसकर्मियों ने रोचक सवाल-जबाव के माध्यम से अनेंकों महत्वपूर्ण जानकारियां ज्ञात की।

आयोजित किये गये सेमीनार में मौजूद पुलिस बल का शारीरिक चेक अप भी निः शुल्क किया गया इसमें जिन पुलिसकर्मियों का शुगर, ब्लड प्रेशर, का मापदण्ड कम-ज्यादा पाया गया उनको बचाव के तरीके तथा उसके उपचार के संबंध में जानकारी प्रदाय कर प्रशिक्षित किया गया। उपरोक्त कार्यशाला का आयोजन इंदौर पुलिस के सौजन्य से किया गया। क्रार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारीगण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्रीमति मनीषा पाठक सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्री अमरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री महेन्द्र कुमार जैन सहित इंदौर पुलिस के समस्त थानों के अधिकारी/कर्मचारी, यातायात, महिला थाना, क्राईम ब्रांच तथा जिला रक्षित केन्द्र के 300 से अधिक पुलिसकर्मी उपस्थित रहें।




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