Wednesday, July 4, 2018

ड्रग्स के नशे की आदि होकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली नाबालिक छात्रा को संजीवनी हेल्पलाईन द्वारा बचाया गया।


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  •          सोशल साइड पर हुई दोस्ती से बनी महिला मित्र ने ही, छात्रा को गुमराह कर लगावाई थी ड्रग्स की लत।

  •          संजीवनी द्वारा छात्रा की मनोदशा को ठीक कर, उसकी ड्रग्स लेने की आदत को भी छुडवाया गया।


इन्दौर-दिनांक 04 जुलाई 2018- पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र के निर्देशन में इंदौर पुलिस द्वारा ''संजीवनी एक कदम जीवन की ओर'' हेल्प लाईन प्रारंभ कर, नकारात्मक विचारों से ग्रसित होकर, जीवन से हताश एवं परेशान लोगों की काउंसलिंग कर, उनके नकारात्मक विचारों से उबारने हेतु हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। पुलिस अधीक्षक मुखयालय श्री युसुफ कुरैशी एवं अति पुलिस अधीक्षक क्राइम ब्रांच श्री अमरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में इन्दौर पुलिस द्वारा संचालित संजीवनी हेल्प लाईन द्वारा किये जा रहे प्रयासों से कई पीड़ितो को मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसे गलत कदम उठाने जा रहे, दौर से उबारने में मदद मिलीं है।
इसी कड़ी में संजीवनी हेल्पलाईन इन्दौर पर सूचना प्राप्त हुई कि तन्वी ( परिवर्तित नाम) उम्र 16 साल निवासी इन्दौर कक्षा11 वी की छात्रा हैं। तन्वी अपने परिवार की इकलौती बेटी है, परंतु घर मे अकेलापन महसूस करने वाली तन्वी ( परिवर्तित नाम) फेसबुक के माध्यम से ऐसे लोगो के संपर्क मे आ गई जो तन्वी को नशे के दलदल मे खीचकर ले गयें। ड्रग्स की लत के कारण तन्वी ड्रिप्रेशन मे चली गई और उसका पढ़नें लिखनें मे मन नही लगने से उसने पढना लिखना भी बंद कर दिया था। तन्वी का ड्रिप्रेशन इतना बढ गया की उसनें अपने हाथ की नस काट ली थी। इस बात की खबर तन्वी के परिवार को लगी तो तन्वी के पिता ने इसकी सूचना संजीवनी हेल्पलाईन पर दी।    सूचना मिलते ही संजीवनी हेल्पलाईन द्वारा त्वरित कार्यवाही कर पीड़िता तन्वी (परिवर्तित नाम) से संपर्क किया गया। पीडिता को नकारात्मक विचारों से उबारने के लिए संजीवनी हेल्पलाइन द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई। संजीवनी टीम द्वारा काउंसलिंग के दौरान तन्वी से विस्तृत पूछताछ करने की गई तो उसने बताया कि फेसबुक पर उसकी  दोस्ती कविता (परिवर्तित नाम) नामक लडकी से हुई थी, वह ड्रग्स लेती थी। तन्वी व कविता की दोस्ती इतनी गहरी हो गई की तन्वी ने भी कविता के साथ ड्रग्स लेना शुरू कर दिया और वह भी ड्रग्स की आदी हो गई। तन्वी ड्रग्स लेती थी इस बातका पता केवल कविता को ही था जिसके चलते कविता तन्वी को ब्लैकमेल कर घर से बार बार भागने के लिए मजबुर करती थी एवं घर से रूपयें चोरी करने का बोलती थी। तन्वी ड्रग्स की आदि होने के कारण गलत हरकते करती थी, कभी घर वालो के साथ मारपीट करती तो कभी घर से भागने की धमकी देती थी। कविता के कहने पर वह घर से आधी रात को भाग जाया करती थी।  ड्रग्स व नशे की दुनिया मे तन्वी इतना डूब गई थी कि वह अपने परिवार से कब दूर हो गई उसे पता नही चला। तन्वी कविता के माध्यम से ड्रग्स लेती थी परंतु एक दिन कविता ने ड्रग्स दिलवाने से मना कर दिया तो ड्रग्स ना मिलने की स्थिति मे तन्वी ने अपने हाथ की नस काट ली। कविता तन्वी को हद से ज्यादा परेशान करने लगी थी जिससे तन्वी ड्रिप्रेशन मे चली गई।
इस बात की सूचना मिलते ही संजीवनी टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए तन्वी से संपर्क किया गया। जिसकी मनःस्थिति का आकलन कर संजीवनी टीम के द्वारा मनोचिकित्सक विशेषज्ञों से तन्वी की काउंसलिंग कराई गयी साथ ही तन्वी का चिकित्सक द्वारा इलाज भी करवाया गया। तन्वी को इस प्रकार आत्महत्या करने से रोकने के साथ उसके मानसिक अपवाद को दूर करने के उपाय भी बतायेगयें जिसको अमल मे लाकर तन्वी अब सामान्य स्थिति मे होकर खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही है।
इन्दौर पुलिस द्वारा जनसामान्य से यह अपील की जाती है कि, ऐसे नकारात्मक विचारों से ग्रसित किसी भी अवसादग्रस्त व्यक्ति (जो कि आत्महत्या जैसे आत्मघाती विचार मन में लाता है) के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर, तत्काल इन्दौर पुलिस द्वारा संचालित की जा रही ''संजीवनी हेल्पलाईन'' के मोबाइल नंबर-7049108080 पर सूचित करें, ताकि ऐसे निराशावादी मनोःस्थिति से ग्रसित लोगों को विषय विशेषज्ञों द्वारा उचित परामर्श मुहैया कराई जाकर, उनके नकारात्मक विचारों से उबार कर उन्हे सही समय पर, आत्महत्या करने आदि की स्थिति में जाने से रोका जा सके।
हमारा संकल्प - आपकी सुरक्षा
संजीवनी हेल्पलाईन- 7049108080



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