Saturday, November 11, 2017

मामूली विवाद पर पड़ोसिायों को फंसाने के उद्‌देश्य से, अपने नाबालिक पुत्र को, स्वंय पिता द्वारा छिपा कर की गयी, अपहरण की झूठी रिपोर्ट का पर्दाफाश


इन्दौर-दिनांक 11 नवंबर 2017-पुलिस थाना परदेशीपुरा क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 10.11.17 की रात्री में 01.45 बजे फरियादी प्रकाश पिता नारायम सिंह कासोटिया उम्र 40 साल नि 92 नई जीवन की फेल इंदौर ने अपने नाबालिक पुत्र उम्र 13 साल के 09.11.17 को नेशनल टाईपिगं नंदानगर के पास से शाम को 06.00 से गुम जाने की रिपोर्ट की थी, जिसमें फरियादी ने अपने पडोस में रहने वाले श्यामु, हेमू, सुरज, पुत्रगण नारायण सिहं डिरोलिया एवं पंकज, युवराज, दीपक पुत्रगण महेश तथा करण पिता मुन्ना ठाकुर सभी निवासी नई जीवन की फेल इंदौर से सुबह वाहन पार्किगं को लेकर सामान्य विवाद के कारण उक्त सभी लोगो पर अपने नाबालिक पुत्र का अपहरण करने की शंका कर रिपोर्ट की थी। फरियादी की रिपोर्ट पर से तत्काल ही अपराध क्रमांक 554/17 धारा 363 भादवि का कायम कर विवेचना प्रारंभ की गई।
प्रकरण में नाबालिक के अपहरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए, पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा प्रकरण मेंत्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। जिस पर पुलिस अधीक्षक पूर्व श्री अवधेश गोस्वामी के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक परदेशीपुरा सुश्री आरती सिहं के नेतृत्व में थाना प्रभारी परदेशीपुरा व उनकी टीम को प्रकरण में पतारसी हेतु लगाया गया। टीम द्वारा तत्काल ही घटना स्थल के आसपास के दुकानो व अन्य स्थानों के कैमरों की सीसीटीवी फुटेज आदि देखे गये। जिसके आधार पर विवेचना की दिशा निर्धारित की, जिसमें सभी संदेही अपने घरो पर मौजूद थे। उनसे भी पूछताछ की गई तो यह तथ्य प्रकाश में आया कि फरियादी ने ही अपने पडोसियों को फंसाने के उद्देश्य से झूठी रिपोर्ट की है लेकिन इस बात का कोई प्रमाणिक साक्ष्य नही था एवं पुलिस के लिये नाबालिक बालक की सुरक्षित बरामदगी ही पहला कार्य था। इसलिए लगातार प्रयास, मुखबिर तंत्र की मेहनत के आधार पर आज प्रातः उक्त नाबालिक बालक को सुरक्षित व सकुशल बरामद कर बालक के माननीय न्यायलय में कथन कराये गए। विवेचना में यह बात प्रमाणित हुई की फरियादी नें स्वंय ही अपने बालक को अपने साथ में काम करने वाले रामलाल विश्वकर्मा एवं किशोर मेहरा के यहा झूठ बोलकर स्कीम न. 78 में छोड दिया था एवं पड़ौसियोंसे विवाद होने पर, षडयंत्र रच कर उन्हे को फंसाना चाहता था। पुलिस की त्वरित एवं निष्पक्ष कार्यवाही के कारण निर्दोष लोगो को झूठी कार्यवाही से राहत मिली। पुलिस द्वारा फरियादी के विरूद्ध झूठी रिपोर्ट करने के कारण पृथक से न्यायालय मे कार्यवाही की जावेगी।   

उक्त झूठी रिपोर्ट का पर्दाफाश कर नाबालिक बालक की बरामदगी में, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजीव त्रिपाठी, उनि नरेन्द्र तिवारी, उनि एम.ए.एच. खान, सउनि आर.एस. परमार, सउनि देवेन्द्र सिहं पवांर, सउनि अर्जुनसिहं राय, प्रआर. 779 अनिल, आर 3431 राघवेन्द्र आर. 2041 जगदीश, आर. 1413 संजय तथा आर 08 शिवसिहं की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।


No comments:

Post a Comment