Saturday, July 1, 2017

राजेंद्र शिंदे अपहरण में फरार दस हज़ार इनामी बदमाश शाहनवाज उर्फ़ शानू क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में



इन्दौर 01 जुलाई 2017 - इंदौर शहर में अपराधो पर नियंत्रण हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक इंदौर शहर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा शहर मे पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों में फरार चल रहे ईनामी बदमाशों की धरपकङ हेतु विशेष प्रयास कर, प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। उक्त निर्देश के तारतम्य में पुलिस अधीक्षक मुखयालय श्री मो युसुफ कुरैशी के मार्गदर्शन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम ब्रांच इंदौर श्री अमरेन्द्र सिंह द्वारा क्राईम ब्रांच के उप पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी की टीमों को इस दिशा मे प्रभावी कार्यवाही करने हेतु समुचित दिशा निर्देश निर्देश दिए । श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर व्दारा राजेन्द्र शिन्दे अपहरण के फरार आरोपी शाहनवाज उर्फ शानू को शीघ्र अतिशीघ्र गिरफ्तार करने हेतु  निर्देशित किया गया था, तथा फरार आरोपी को पकडने के लिए आरोपी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
उक्त निर्देश पर कार्यवाही करतें हुए क्राइम ब्रांच व थाना लसुड़िया व्दारा पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम व्दारा अपने मुखबिर तंत्र से सुचना मिली की आरोपी शाहनवाज उज्जैन भागने की फिराक मे स्टार चौराहा पर खडा है। पुलिस टीम व्दारातत्काल कार्यवाही कर दबिश दी गयी तथा मौके से मामले के आरोपी शाहनवाज शेख उर्फ शानु पिता अब्दुल रशीद शेख उम्र 32 साल नि. 32/1काजीबाडा  मिर्जा नईमबेग मार्ग उज्जैन थाना सेन्ट्रल कोतवाली को पकड़ा गया।
        पुलिस टीम द्वारा आरोपी शाहनवाज से पूछताछ करने पर बताया की वह फ्रिज व एसी रिपेरिंग का काम करता है, तथा बचपन से उज्जैन मे रह रहा था। उज्जैन से 8वी कक्षा पास करने के बाद अपने माता पिता के साथ इन्दौर मे इकबाल कालोनी जूनारीशाला मे रहने लगा। तथा वहीं से ए.सी व फ्रिज रिपेरिंग का काम करने लगा वहीं रहते उसकी दोस्ती सरफराज निवासी जूनारीशाला से हुयी थी। उज्मा के साथ उसका करीब 12 साल से अफैयर था, दोनो एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन घर वालो की रजामन्दी नही होने के कारण उज्मा ने नयापुरा निवासी फैजल अंसारी से शादी कर ली। उज्मा की शादी से दुखी होकर शाहनवाज वर्ष 2008-09 मे एसी रिपेरिंग का काम करने दुबई चला गया। वहाँ वह एक एसी की कंपनी मे सुपरवाईजर का काम करने लगा। जहाँ उसे वैतन के तौर पर 65000 रुपये (भारतीय करैंसी) मे मिलते थे। तथा 2-2.5 साल मे दुबई से भारत आना जाना करता रहा ।जनवरी 2016 को उज्मा ने उसे फोन कर बताया की उसका पति उसके साथ मारपीट करता है, तथा उसे अच्छे से नही रखता। इसलिये वह उसके पति से अलग होना चाहती है। तथा वह बोली की मुझे तुम्हारी मदद चाहिये। तुम भारत वापस आ जाओ तो वह अप्रेल 2016 मे उज्जैन वापस आ गया। वापस आने के बाद उज्मा से मिलना जुलना शुरु हो गया। उज्मा ने उसे बताया की उसकी एक दोस्त है, सारा जो की उज्जैन की ही रहने वाली है। वह मई 2017 मे उज्जैन आयी हुयी है, तथा उसका मोबाईल नंबर उसे दिया और बोली की उसे कुछ काम है, तुम उससे बात कर लो। उसने सारा को फोन किया तो उसने उसे फ्रिगंज उज्जैन मे मिलने बुलाया। मुलाकात पर सारा ने उसे बोला की एक आदमी (राजेन्द्र शिन्दे) है, जो की उसकी कंपनी मे पहले काम करता था, काफी पैसे वाला है उसे उठाना है। तो शानू ने बोला की यह काम वह अकेले नही कर पाएगा तो सारा बोली की तुम्हारे कोई दोस्त हो तो उनसे बात कर लो तो उसने सारा को अपने दोस्त सरफराज निवासी जूनारीसाला इन्दौर से मिलवाया तथा हम लोगो ने फिर मिलकर राजेन्द्र शिन्दे के अपहरण का प्लान बनाया । सारा ने हमे बोला था की राजेन्द्र को किडनेप करने के बाद जो रकममिलेगी उसमे से एक मोटा हिस्सा वह हमे दे देगी। सारा ने हमे बोला की वह अजमेर घूमने का बहाना कर राजेन्द्र को साथ ले आयेगी तथा तुम पीछे से उज्मा की कार से आना तथा सुनसान रास्ता देखकर गाडी रोककर उसे चाकू अडाकर किडनेप कर लेना तो दिनांक 06.06.17 को हम लोग सारा और राजेन्द्र के पीछे उसकी कार का पीछा करते उज्मा की स्वीफ्ट कार से अजमेर गये सरफराज ने बेहोश करने का इंजेक्शन व चाकू भी साथ रखा था। इंजेक्शन सारा ने उसे उपलब्ध कराये थे तथा गाडी मे डीजल भी सारा ने डलवाया था। लेकिन रास्ते मे हमे मौका नही मिला तो हम लोग वापस उज्जैन आ गये। राजेन्द्र को किडनेप नही कर पाने पर सारा ने काफि चिल्ला चोट की तथा बोली की एक और मौका दूंगी अगर इस बार काम ठिक से नही करा तो अंजाम बुरा होगा। फिर सरफराज ने अपने तीन दोस्तो (शुभम , गोलू , लालू उर्फ सादिक नि. गरीब नवाज कालोनी छोटा बांगडदा इंदौर) को भी सारा से मिलवाया तथा पैसे का लालच देकर उन्हे भी सारा ने राजेन्द्र की किडनेपिंग मे शामिल कर लिया । सारा ने उज्मा को साथ लेकर राजेन्द्र की कार से महेश्वर जाने का प्लान बनाया तथा बोली की तुम लोग महेश्वर पहुंच जाना मै राजेन्द्र को वहींमिलने बुलाउंगी तब तुम कार मे उसको इंजेक्शन लगा कर बेहोश करके उसका अपहरण कर लेना तो सरफराज ने अपने दोस्त लालू उर्फ सादिक, गोलू एवं शुभम के साथ मिलकर महेश्वर स्थित दरगाह के सामने से राजेन्द्र शिन्दे का उसकी कार मे उसे इंजेक्शन देकर उसे बेहोश कर अपहरण कर लिया। तथा राजेन्द्र को उज्मा व्दारा ग्रीन पार्क कालोनी चंदन नगर मे लिये गये एक किराये के मकान मे बांध कर रखा गया तथा राजेन्द्र शिन्दे की सोने की चैन , ब्रेसलेट व घडी सरफराज ने अपने पास रख ली थी । राजेन्द्र होश मे ना आये तथा आवाज ना करे इसलिये उसे हर थोडे अन्तराल मे बेहोशी के इंजेक्शन देते थे तथा गोलिया भी देते थे इंजेक्शन व गोलियाँ सारा ने ही सरफराज को लाकर दी थी। सारा ,उज्मा सरफराज , गोलू , शुभम , लालू उर्फ शादीक को पुलिस व्दारा हिरासत मे लेने कि बात न्यूज पेपर मे आने पर पता चलने पर आरोपी शाहनवाज घर से फरार हो गया था । सारा उज्जैन की रहने वाली है तथा शानू उर्फ शाहनवाज को उज्मा के माध्यम से जानने लगी थी शानू ने ही सारा को सरफराज से मिलाया तथा अपहरण करने के लिये लालच  दिया था । शानू उर्फ शाहनवाज एसी व फ्रिज रिपेरिंग का कामकरता है तथा उसका एक अन्य भाई रफिक भी ए.सी रिपेरिंग का काम आस्ट्रेलिया मे करता है। पूर्व मे जब शाहनवाज इन्दौर मे रहा करता था तब से सरफराज से उसकी दोस्ती थी । शानू वर्तमान मे उज्जैन के काजीबाडा मे रह रहा है ।


उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही हेतु लसुडिया पुलिस के सुपुर्द किया गया हैं।

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