Saturday, November 26, 2016

40 लाख की धोखाधडी का आरोपी, नकली नोट भी बना चुका है, देढ़ साल से फरार था, डीडवाना (राजस्थान) की धोखाधडी में धोखाधडी के प्रकरण का दूसरा साथी भी डीडवाना (राजस्थान) से गिरफतार


इन्दौर 26 नवम्बर 2016-पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में क्राईम ब्रांच द्वारा पुलिस थाना क्राईम ब्रांच के 40 लाख रूपयें की धोखाधडी के प्रकरण में आरोपी गजेन्द्रसिंह शेखावत निवासी डीडवाना राजस्थान को गिरफ्तार किया गया है। गिरफतारशुदा आरोपी गजेन्द्र सिंह वर्ष 2002 में नकली नोट बनाने के प्रकरण में थाना डीडवाना जिला नागौर पर गिरफतार हो चुका है जिसके विरूद्व अन्य कई अपराधिक प्रकरण पंजीबद्व होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
प्रकरण में पुलिस रिमाण्ड पर लिये गये आरोपी गजेन्द्र सिंह शेखावत से 40 लाख रूपयें की रिकवरी हेतु टीम डीडवाना भेजी गई थी, जहां पर पतारसी करने पर टीम को ज्ञात हुआ कि, आरोपी अपराधिक प्रवृत्ति का होकर एक शातिर अपराधी है। आरोपी गजेन्द्र सिंह पूर्व में नकली नोट बनाने के प्रकरण में गिरफतार हो चुका है साथ ही 1999 एवं 2001 में कॉलेज टाईम में मारपीट के केस में 5-7 दिन जेल में रहा है। 2002 में चोरी के प्रकरण मे तीन वर्ष की सजा होकर न्यायालय से जमानत पर है। 2007 में डीडवाना में 2000 रूपयें के नकली नोट जप्त हुए थे जिसमें कम्प्यूटर प्रिन्टर इत्यादि भी जप्त हुए थे, इस केस में 16-17 लोग थे जिन्होने मिलकर 5.50 लाख रूपयें के नकली नोट छापे थे। आरोपी ने 30 जुलाई 2016 को अजमेर में ब्यूटी कॉन्टेस्ट करवाया था, जिसमें प्रतिभागियों से प्रतियोगिता में शामिल होने की राशि प्राप्त की जाकर विजेता को ईनाम राशि न देने पर, प्रतिभागियों द्वारा पुलिस कार्यवाही की गई थी। पुलिस कार्यवाही के चलते आरोपी ने विजेता को माह सितम्बर में पुनः प्रविष्ठी देने एवं विजेता घोषित करने का प्रलोभन दिया गया था, जिसमे विजेता को राशि न देने पर अपराध पंजीबद्व कराया गया था। वर्ष 2015 में आरोपी के विरूद्व धोखाधडी का अपराध पंजीबद्व हो चुका है जिसमें आरोपी अभी तक फरार चल रहा है, जिसमें आरोपी ने अपने राजनैतिक संरक्षणों का फायदा उठाकर प्रकरण के पूर्व विवेचक को निलंबित कराया था जिससे आरोपी की गिरफतारी नहीं हो रही थी। आरोपी धोखाधडी की राशि से कई हवाई यात्राओं कर चुका है जिससे लोगोको प्रभावित कर और धोखाधडी करने का आदि रहा है।
आरोपी गजेन्द्रसिंह की अन्य जानकारी प्राप्त करते पाया गया कि उसके द्वारा अपने भाई भानुप्रताप सिंह एवं पिता रघुवीर सिंह के साथ मिलकर श्रीराम फाउण्डेशन के नाम का ट्रस्ट बनाया गया था, जिसका गलत नम्बर उसके लेटर हैड पर उपयोग किया जा रहा था। जिस नम्बर का उपयोग लेटर हेड पर कर उस ट्रस्ट को एन.जी.ओं दिखाकर धोखाधडी कारित की गई थी वह मूलतः कम्प्यूटर जनरेटेड नम्बर था जिस पर डीडवाना निवासी किसी अन्य व्यक्ति एवं महिला के मध्य हुए सौदे को रजिस्टर्ड किया गया था।
आरोपी द्वारा श्रीराम फाउण्डेशन नाम का कोई एन.जी.ओं. पंजीकृत नहीं कराया था बल्कि ट्रस्ट के नाम पर ही एन.जी.ओ. दिखाया जा रहा था एवं इसी एन.जी.ओं में आरोपिया से राशि जमा कराई जाकर रूपयें 40 लाख की धोखाधडी की गई थी। आरोपी गजेन्द्र सिंह द्वारा धोखाधडी से अर्जित राशि तत्काल ही अपने साथीदारों के खातों में आर.टी.जी.एस. एवं एन.ई.एफ.टी. के माध्यम से ट्रान्सफर कर दी गई थी जिसकी रिकवरी किये जाने हेतु टीम संबंधित स्थानों पर भेजी जावेंगी।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी गजेन्द्र सिंह शेखावत के पंजाब नेशनल बैंक में दिये गये चेक एवं एन.ई.एफ.टी./आर.टी.जी.एस के फार्म की मूल प्रतियां भी जप्त की है तथा आरोपी गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा पंजाब नेशनल बैंक की पासबुक में धोखाधडी कारित करने हेतु जिस कम्प्यूटर एवं प्रिन्टर से झूठी प्रविष्ठी की गई थी, उस प्रिन्टर को भी जप्त किया गया है।

पुलिस टीम द्वारा इसी प्रकरण में एक अन्य आरोपी हेमसिंह पिता बंजरग सिंह राठौर निवासी डीडवाना को भी गिरफतार किया गया है, जो कि उस एन.जी.ओं का फाउण्डर मेम्बर रहा है। आरोपियों का पुनः दिनांक 2.12.2016 तक का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया गया है, जिसमें आरोपियों से पूछताछ कर, धोखाधडी से अर्जित राशि की रिकवरी की कार्यवाही की जावेगी।

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