Sunday, December 16, 2018

▪अवैध नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले उज्जैन के दो तस्कर क्राईम ब्रांच इन्दौर की गिरफ्त में।* *▪पिता पुत्र कर रहे थे नशीली दवाओं की तस्करी, आरोपियों के कब्जे से 5600 नशीली गोलिया बरामद।* *▪ आरोपीगण लम्बे समय से कर रहे थे नशीले पदार्थों का व्यापार, दोगुनी कीमत में सीमावर्ती जिलों में भी कर रहे थे सप्लाय।* *▪आरोपीगण बस पर रखकर सीधे ग्राहकों तक भिजवातें थे अवैध नशीली दवाईयां।*

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इन्दौर-दिनांक 16 दिसम्बर 2018- शहर मे अवैध मादक पदार्थों की खरीदी-ब्रिकी करने वाले आरोपियों तथा तस्करों पर अंकुश लगाने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री हरिनारायणचारी मिश्र के द्वारा दियें गये है। उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस अधीक्षक (मुखयालय) इंदौर श्री मो0 यूसुफ कुरैशी के मार्गदर्शन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईमब्रांच श्री अमरेन्द्र सिंह चौहान व्दारा क्राईम ब्रांच की समस्त टीम प्रभारियों को इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने हेतु समुचित दिशा निर्देश दिये गये।
उक्त निर्देश पर क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी/खरीदी बिक्री करने वाले आरोपियों की लम्बे समय से पतारसी की जा रही थी खास तौर पर ऐसे आरोपियों की जो नशीली दवाईयां अल्प्राजोलम, बीकॉम व एनआरएक्स, जैसी प्रतिबंधित दवाईयों को युवाओं को बेचकर उन्हें नशा करने का आदी बना रही थी तथा उनके भविष्य को गर्त में ले जाने का काम कर रहे थे ज्यादातर ऐसे नशा करने वाले आरोपी नशे की हालत में कई बार जघन्य अपराधों को भी अंजाम देते हैं अतः इस दिशा में मादक पदार्थों के विरूद्ध क्राईम ब्रांच द्वारा प्रभावी कार्यवही करने हेतु एक टीम का गठन किया गया थाजिसके द्वारा दिनांक 06.12.2018 को मोहम्मद शादाब हुसैन पिता मो0 सलीम उम्र 19 साल निवासी 145 ग्रीन पार्क कालोनी चंदन नगर इंदौर को पकड़ गया था जिसके विरूद्ध थाना चंदन नगर मे अपराध क्रमांक 981/18  धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर एनआरएक्स अल्प्राजोलम बीकाम के 23 पत्ते जप्त कियेगये थे।
 इसी कड़ी मे आरोपी मोहम्मद शादाब हुसैन से पूछताछ के दौरान क्राईम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि शुभम जैन नामक युवक भी इंदौर में नशीली गोलियों की खपत करता है जोकि उज्जैन से दवाईयां लाकर इंदौर के विद्यार्थियों तथा युवाओं को सप्लाय करता है। प्राप्त सूचना के आधार पर क्राईम ब्रांच की टीम ने आरोपी शुभम के बारे में जानकारी एकत्रित कर उसकी पतासाजी शुरू की जिसके संबंध में सूचना मिली कि आरोपी शुभम जैन काले रंग का बस्ता लेकर, शिवकंठ नगर में बाणगंगा थाना क्षेत्र में अवैध नशीला पदार्थ अल्प्राजोलम टेबलेट बेचने के लिये घूम रहा हैं, क्राइम ब्रांच की टीम एवं थाना बाणगंगा पुलिस ने संयुक्त रुप से कार्यवाही करते हुये मुताबिक सूचना के घेराबंदी कर आरोपी शुभम जैन पिता राजीव जैन उम्र 24 साल नि. 2 मेघदूत परिसर उज्जैन (स्थायी पता- डग राजस्थान)को पकड़ा जिसकी तलाशी लेने पर उसके पास अवैध नशीली दवाईयों के पैकेट के 09 डब्बे मिले जिसमें प्रत्येक डिब्बे मे 10 पत्ते थे तथा प्रत्येक पत्ते मे 60 गोलियां कुल 5600 गोलियां बरामद हुई। आरोपी द्वारा अवैध रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाईयों के बेचे जाने के परिपेक्ष्य मेंथाना बाणगंगा पर अपराध क्रमांक  1345/18  धारा 8/22 स्वापक औषधि और मनःप्रभावी अधीनियम के तहत पंजीबद्ध किया जाकर आरोपी को हिरासत में लिया गया।
         आरोपी शुभम ने पूछताछ में पुलिस टीम को बताया कि इस प्रकार का वयापार लम्बे समय से उसके पिताराजीव जैन पिता हुकुमचंद्र जैन उम्र 47 साल निवासी 2 मेघदूत परिसर उज्जैन कर रहे थे जोकि इंदौर के अलावा अन्य सीमीवर्ती जिला में भी अवैध मादक पदार्थो तथा नशीली गोलियों की तस्करी करते थे, आरोपी से प्राप्त जानकारी के आधार पर उसके पिता को भी पुलिस टीत ने कार्यवाही करते हुये धरबदोचा। आरोपी शुभम पे पूछताछ में बताया कि वह महाकाल इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नालॉजी कालॅेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है तथा उसके पिता राजीव जैन की पदमवती मेडिकल शॉप पर भी वह काम दिखवाता है। आरोपी विगत एक साल से इस प्रकार से युवाओं तथ्ज्ञा उसके साथी विद्याार्थियों को अल्प्राजोलम टेबलेट बेचने का काम कर रहा
था। आरोपी इस व्यापार में मोटी कमाई के चलते तस्करी करने लगा था। आरोपी ने बस संचालको से भी सांठ गांठ कर रखी थी जोकि कभी कभीदवाईयों को बस पर रखकर सीधे ग्राहक तकपहुंचाता था। आरोपीगण उपरोक्त नशीली दवा किन किन लोगों को सप्लाय करते थे इस संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाकर पूरे नेटवर्क का पता किया जा रहा है जिनके संबंध में सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम द्वारा पूरी चैन पर कार्यवाही की जायेगी जिससे अवैध नशीले पदार्थो के व्यापार पर पुलिस रोक लगा सकने में सफल हो सके।

इन्दौर पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असमाजिक तत्वों की धरपकड़ अभियान के तहत की गई कार्यवाही 42 अपराधी एवं असमाजिक तत्व इन्दौर पुलिस की गिरफ्‌त में




इन्दौर-दिनांक 16 दिसम्बर 2018-पुलिस उप महानिरीक्षक इंदौर शहर इंदौर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र के निर्देश के तारतम्य में पुलिस अधीक्षक इंदौर (पूर्व) श्री अवधेश कुमार गोस्वामी एवं पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) श्री सिद्धार्थ बहुगुणा के मार्गदर्शन में कल दिनांक 15 दिसम्बर 2018 को फरार एवं स्थायी वारंटियो तथा अपराधियों व असमाजिक तत्वों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 42 अपराधियों एवं असमाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया।

15 संदिग्ध बदमाश गिरफ्तार
इन्दौर- दिनांक 16 दिसम्बर 2018-इन्दौर पुलिस द्वारा कल दिनांक 15 दिसम्बर  2018 को शहर में अपराध करने की नीयत से घूमने वाले संदिग्ध बदमाशों तथा ऐसे आदतन अपराधी जो अपराध के बल पर ही अपनी आजिविका चलाते है, के विरूद्ध विभिन्न थाना क्षैत्रान्तर्गत में वैधानिक कार्यवाही करते हुए 15 संदिग्ध बदमाशों को गिरफ्तार किया जाकर धारा 151 जा.फौ. के तहत प्रतिबन्धात्मक कार्यवाही कीगई।

03 गैर जमानती, 11 गिरफ्तारी एवं 107 जमानती वारण्ट तामील
इन्दौर- दिनांक 16 दिसम्बर 2018-इन्दौर पुलिस द्वारा शहर में विभिन्न थाना क्षेत्रान्तर्गत में कल दिनांक 15 दिसम्बर 2018 को 03 गैर जमानती, 11 गिरफ्तारी एवं 107 जमानती वारण्ट तामील किये गये। पुलिस द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रो में, न्यायालयों द्वारा विभिन्न प्रकरणो में जारी बदमाशों, अपराधियों एवं असमाजिक तत्वों के वारन्ट तामिल कराकर, वैधानिक कार्यवाही की गयी।

जुऍ/सट्‌टे की गतिविधियों मे लिप्त मिलें, 12 आरोपी गिरफ्तार
इन्दौर-दिनांक 16 दिसम्बर 2018-पुलिस थाना राऊ द्वारा कल दिनांक 15 दिसम्बर 2018 को 16.30 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर थाना क्षेत्रांतर्गत विभिन्न स्थानों पर से सट्‌टे की गतिविधियों मे लिप्त मिलें, सोनू पिता राजाराम यादव, रमेश पिता गणपति बाबर, मुकेश पिता बजरंग रघुवंशी को पकडा गया। पुलिस द्वारा इनके कब्जें से नगदी व सट्‌टा उपकरण बरामद कियें गयें।
                पुलिस थाना मल्हारगंज द्वारा कल दिनांक 15 दिसम्बर 2018 को 21.00 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर नई मल्टी के पास खंबे के नीचे जिंसी बस स्टेंड इन्दौर से ताश पत्तों के द्वारा हारजीत का जुआं खेलतें हुए मिलें, नितेश पिता सत्यनारायण तिवारी, कुमार पिता केशर अश्विनी, जीतु पिता गणेशदास सुर्यवंशी, जुनैद पिता इफ्तेखार अहमद को पकडा गया। पुलिस द्वारा इनके कब्जें से नगदी व ताश पत्तें जप्त कियें गयें।
                पुलिस थाना किशनगंज द्वारा कल दिनांक 15 दिसम्बर 2018 को 20.30 बजें, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर सुपरसिटी कालोनी बिजली के खंबें के पास से ताश पत्तों के द्वारा हार जीत का जुआं खेलतें हुए मिलें, अंकुश पिता ओंकार वर्मा, धीरज पिता कैलाश रंघुवंशी, आशीष पिता भुटेंसिंह गौड, गौरव पिता विधंश शर्मा, विनय पिता कमलसिंह रघुवंशी को पकडा गया। पुलिस द्वारा इनके कब्जें से 4430 रूपयें नगदी व ताश पत्तें बरामद कियें गयें।
                पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके विरूद्ध जुऑ एक्ट के तहत्‌ प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गयी हैं।

अवैध हथियार सहित 01 आरोपी गिरफ्तार
इन्दौर-दिनांक 16 दिसम्बर 2018- पुलिस थाना छत्रीपुरा द्वारा कल दिनांक 15 दिसम्बर 2018 को 12.45 बजे, मुखबिर से मिलीं सूचना के आधार पर भोलेनाथ मंदिर के पास लाबरिया भेरू इन्दौर से अवैध हथियार लेकर घूमतें हुए मिलें, भेरू मंदिरके सामनें लाबरिया भेरू इन्दौर निवासी बबलू पिता अमरसिंह रावत को पकडा गया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से एक छूरा जप्त किया गया।
                पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर इसके विरूद्व आर्म्स एक्ट के तहत्‌ प्रकरण पंजीबद्व कर कार्यवाही की गयी है।


Saturday, December 15, 2018

विगत वर्ष में इंदौर पुलिस द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्यवाही



Ø  भादवि के अपराधों में हत्या के प्रकरणों में गत वर्ष (90) की तुलना में इस वर्ष (71) में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
Ø  भादवि के अपराधों में हत्या के प्रयास के प्रकरणों में गत वर्ष (88) की तुलना में इस वर्ष (75) में कमी आई है।
Ø  लूट एवं चैन स्नैचिंग के मामलों में गत वर्ष (78) की तुलना में इस वर्ष (64) में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है।
Ø  सपंत्ति संबंधी अपराधों जैसे नकबजनी व चोरी के मामलों में भी क्रमश गत वर्ष (960) की तुलना में इस वर्ष (678) में तथा गत वर्ष (812) की तुलना में इस वर्ष (725) में कमी दर्ज की गई है।

लघु अधिनियम के अपराधों की जानकारी।


Ø  लघु अधिनियम के प्रकरणों में आर्म्स एक्ट के अंतर्गत गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग दो गुना कार्यवाही की गई है।
Ø  आबकारी एक्ट के अंतर्गत गत वर्ष 2750 की तुलना में इस वर्ष 4177 कार्यवाही कर वृहद वृद्धि दर्ज की गई है।
Ø  जुआ/सट्‌टा एक्ट के अंतर्गत गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक प्रभावी कार्यवाही की गई है।
Ø  एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में गत वर्ष 2016 में101 कार्यवाहियों की तुलना में 2017 में 561 तथा 2018 में 662 कार्यवाही कर कई अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त कई चैन को खत्म कर नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया गया है परिणामस्वरूप वारदातों में कमी आई है।


प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों का विवरण


प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों में जा0फौ. 110 के प्रकरणों में 2017 एवं 2018 में कुल 14651 बाउण्ड ओवर कराये जाकर महत्वपूर्ण प्रभावी कार्यवाही की गई है।
Ø  बंध पत्र के उल्लंघन करने वाले आदतन अपराधियों के विरूद्ध 122 जा0फौ0 के 410कार्यवाहियां की गई है।
Ø  जिलाबदर, एन0एस00, के प्रकरणों में महत्वपूर्ण वृ़िद्ध हुई है।
Ø  प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों में जा0फौ. 151 के प्रकरणों में 22712 तथा 107/116 के प्रकरणों में 53153 कार्यवाही की जाकर अपराधियों पर अंकुश लगाया जाकर अपराधों को घटित होने से रोकने में सफलता मिली है।

इंदौर पुलिस की उल्लेखनीय सफलताऐं।
वाहन चोरों के विरूद्ध कार्यवाही : - इंदौर पुलिस द्वारा वर्ष 2017 एवं 2018 में वाहन चोरी के जुर्म में दो पहिया वाहन, एवं चार पहिया वाहन अंतर्राज्यीय गिरोहों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुये म0प्र0के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर पद्रेश, तथा राजस्थान की गिरोहों को पकड़ने में सफलता मिली है जिनसे बड़ी संखया में शहर से चोरी किये गये वाहन बरामद हुये हैं। इनमें से प्रमुख गिरोह असीम शुक्ला, जमालउद्‌दीन शेंख, नाना उर्फ काना, शाजिद शाह एवं इद्गितयाक उर्फ नन्हें तथा इरफान मंसूरी द्वारा संचालित की जा रही थी जिन्हें गिरफ्तार किया जाकर चोरी गये गये वाहनों को बरामद किया गया है। एक अन्तररार्ज्यीय वाहन चोर गिरोह के 11 सदस्यों को मय 22 चोरी के चार पहिया वाहनों के साथ पकडने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की गई थी जिसमें गिरोह सरगना इरफान उर्फ नासिर को भी पकड़ा गया था जोकि वर्ष 2010 से कार किंग नाम से मुम्बई में अपनी एक ट्रेव्ल्स ऐजेंसी चला रहा था जिसकी आड में बदमाश ने किराये पर टेक्सी के रुप में कई चार पहिया लग्जरी वाहनो को अपने ट्रेव्ल्स में अटैच कराकर फर्जी तोर से कागजो की एन.ओ.सी. तैयार कर मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं गुजरात प्रांतो में बेचा था। वर्ष 2014 में इन्ही आरोपियो से मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यो के लगभग 110 वाहन पुलिस थाना साकीनाका मुम्बई में बरामद हुये थे। परिणामस्वरूप इंदौर शहर में चार पहियावाहन चोरी पर अंकुश लगा है साथ ही दो पहिया वाहन चोरी की घटनाओं में भी भारी कमी आई है।
अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान : - इसी प्रकार अवैध हथियारों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये इंदौर पुलिस ने 34 बड़ी गिरोंहों का पर्दाफाश करते हुये 37 सिकलीगरों को पकड़ा था जोकि हथियार बनाकर बाजारों में बेचा करते थे इस प्रकार जड़ पर चोट करते हुये सिकलीगरों को पकडकर अवैध हथियारों की खपत को शहर में कम करने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। इंदौर के सीमावर्ती जिलों के निवासी तस्कर, अनेक गुण्डों की गैंगों के गुर्गों तथा ऐसे अवैध अस्त्र शस्त्रों की खरीद फरोखत करने वाले 3018 आरोपियों पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई है। इंदौर पुलिस द्वारा लगातार की जा रही इस कार्यवाही से इंदौर में अपराधियों द्वारा अवैध हथियार खरीद कर उनका अपराधों में दुरुपयोग कर होने वाली घटनाओं मे महत्वपूर्ण कमी आई है।
लूट की वारदातों का खुलासा : - लूट के प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही करते हुये विगत कई वर्षों से लंबित पुराने अनसुलझे लूट के मामलों में का भी पर्दाफाश करने में इंदौर पुलिस ने सफलता हासिलकी है। वर्ष 2017 एवं 2018 में घटित लूट की लगभग सभी बड़ी तथा महत्वपूर्ण वारदातों का खुलासा किया गया है। लगभग इसके अलावा विभिन्न प्रकरणों में वाहन चालकों द्वारा मोबाईल फोन छीनकर भाग जाने की घटनाओं के आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से छीने गये हजारों मोबाईल फोन बरामद किये जाकर संबंधित थानों के सुपुर्द किये गये है। लूट के प्रकरणों में कार्यवाही करते हुये मुखयतः दवा व्यापारियों से हुई लूट की सिलसिलेवार घटनाओं का खुलासा, भवरकुआं व तेजाजीनगर थाना क्षेत्र में चाकू मारकर की जाने वाली लूट, सचिन चीना गैंग द्वारा बाणगंगा थाना क्षेत्र में व्हाटसएप्प पर युवती से चैटिंग के माध्यम से लोंगों के बुलाकर झूटे केसों में फसांने की धमकी के आधार पर की गई लूट, छोटी ग्वालटोली में बहिन से छेड़छाड़ के नाम पर की गई लूट, लुटेरी दुल्हन के समस्त प्रकरण, विजयनगर में हुई बैंक कर्मचारी से 10 लाख रूपये की लूट आदि का खुलासा किया जाकर आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। 28 लाख रूपये की लूट प्रकरण में शाकिर उर्फ बकरी को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। राहगीरों से लूट करने वाले आरोपियों, मोबाईलपर्स छीनने वाले आरोपियों पर भी प्रभावी कार्यवाही की गई है।
चैन स्नैचिंग- के लंबित तथा वर्तमान में घटित लगभग शत प्रतिशत मामले जो कई वर्षों से अनसुलझे थे उनके अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर चैन स्नैचिंग की लगभग सभी घटनाओं का पर्दाफाश किया है। चैन स्नेचिंग करने वाली गिरोंहों के आरोपियों को को पकड़ा जाकर लगभग दो सैकड़ा घटनाओं का खुलासा किया है जिसमें कई वारदातें शहर से बाहर अन्य जिलों में घटित की गई थी तथा अनेकों वारदातें लगभग पिछले 4-5 सालों से अनसुलझी थी। महत्पवूर्ण चैन स्नैचर हितेश पंजाबी से 22, फिरोज से 17, तिल्लोर खुर्द निवासी संजय चौकसे गैंग से 09 तथा महिलाओं द्वारा सुसज्जित रूकमणी गैंग से 29 चैन लूट की घटनाओं को इंदौर पुलिस द्वारा उजागर किया़ गया है उसके अलावा अन्य चैन स्नैचरो को पकड़कर उनका डाटाबेस भी तैयार किया गया है।
अपहरण तथा मानव तस्करी के प्रकरणों में कार्यवाही करते हुये इंदौर पुलिस द्वारा कई अभियान चलाये जाकर अपहृतों की दस्तयाबी कराई गई है इसके अलावा समय समय पर घटित वारदातों में कार्यवाही कर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से अपहृतों को दस्तयाब करने मेंसफलता मिली है। कई प्रकरणो में नाबालिगों कों भगाकर ले जाने वाले आरोपियों को भी पकड़ने में सफलता मिली है जिनसे नाबालिग किशोरियों को बरामद किया गया है। मुखय तौर पर दवा फैक्टरी के संचालक थाना लसुड़िया क्षेत्रांतर्गत राजेन्द्र द्गिांदें अपहरण काण्ड में तत्परतापूर्वक कार्यवाही करते हुये लगन व परिश्रम से दुबई की निवासी महिला सारा व उसके सहयोगियों के चंगुल से उसे मुक्त कराया जाकर प्रकरण के सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में टीम ने सफलता अर्जित की थी। शराब कारोबारियों द्वारा अपने प्रतिद्वंदी संदीप राय का अपरहरण कर लिया गया था, जिस पर से थाना लसूडिया पर अप क्र. 327/17 धारा 365,34 भादवि एवं 25 आर्मस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था प्रकरण के सभी 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अवैध रुप से किशोर बालक-बालिकाओं की तस्करी करने के लिये, बच्चों को परिरूद्ध रख, उन्हे प्रताडित़ करने वाली अतंर्राज्यीय गिरोह पर भी इंदौर द्वारा पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई थी।
अंधेकत्ल के मामलों में लम्बे समय से लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनका खुलासा करने के लिये टीम का गठन किया गया था। फलतः वर्ष 20172018 मेंहुये अंधेकत्लों की पतारसी के साथ ही इंदौर पुलिस ने 2012 से लंबित प्रकरणों के अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करने में सफलता हासिल की तथा तीन दर्जन से अधिक अनसुलझे अंधेकत्लों का खुलासा करने में पुलिस को सफलता मिली। इसमें किशनगंज के अपराध क्र 626/17 में हुये अंधेकत्ल , चार वर्ष पूर्व पलासिया में सब्जी वाले के अंधेकत्ल, थाना तुकोगंज के अपराध क्र 128/17 में बीमा अस्पताल के पास हुये अंधेकत्ल का खुलासा, थाना सिमरोल में 05 दिन पुराली लाश बंद बोरे में मिलने पर उसकी शिनाखतगी उपरांत प्रकरण के अज्ञात आरोपियों की पतारसी कर उनकी गिरफ्तारी, थाना गौतमपुरा क्षेत्र में तांत्रिक की तंत्र मंत्र विद्या के अनुकूल बच्चे की बलि देने के नाम पर की गई हत्या के प्रकरण क्र 99/17 में अज्ञात 03 आरोपियों की पतारसी कर मााले का खुलासा, गुना जिले के चांचोड़ा में पंजीबद्ध अपराध क्र 390/17 धारा 302, 201 भादवि में लापता महिला के हत्यारे दोनों अज्ञात आरोपियों की पतारसी, थाना तेजाजीनगर के अप0 क्र0 469/16 धारा 302 में ट्रक ड्राईवर के अंधेकत्ल का पर्दाफाश, थाना कनाड़िया क्षेत्र में 5 वर्ष पुराने अप क्र 303/13 में अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर संपत्तिके बिवाद में दोस्त के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या करने वाले अज्ञात आरोपियों का पर्दाफाश, थाना किशनगंज में दर्ज प्रकरण क्र 121/18 धारा 302, 201 भादवि में बोरे में बंधी मिली महिला की लाश के मामले में अज्ञात आरोपियों की पतारसी, जिसमें मृतिका की मुंहबोली बहिन कि पति ने एवं मुंहबोली बहिन कि पति के जीजा ने बलात्कार कर गला घोंटकर मार दिया था आदि उपरोक्त प्रकरणों के अज्ञात आरोपियों की पतारसी कर उनका खुलासा करने में सफलता अर्जित की गई है।
अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध इंदौर पुलिस द्वारा समय समय पर अभियान चलाये जाकर कुल 662 कार्यवाहियां की गई हैं। जिसमें अवैध गांजे की तस्करी करने वाले आरोपियों, नद्गो के गोलियों नाईट्रावेट व अल्प्राझोलम, बीकाम, एनआरएक्स, के सौदागरों पर कार्यवाही, ढोढा़ चूरा भांग, अफीम, मार्फिन ड्रग, व ब्राउन शुगर के तस्करों पर कार्यवाहियां करते हुये इंदौर शहर में नशीले पदार्थों की खपत व उनके उपभोक्ताओं पर अंकुश लगाया गया है जिसके फलस्वरूप नशा कर वारदात करने वाले अपराधियों की मात्रा में महवपूर्ण कमी आई है। चंदन नगर में 19000 नाईट्रावेट व अल्प्राझोलम की गोलियां पकड़ा जाना,10 लाख रूपये कीमत की मार्फिन ड्रग, 08 लाख रूपये कीमत की ब्राउन शुगर की खेप, तथा बड़ी मात्रा में लगातार गांजे की तस्करी करने वाले सीमावर्ती जिलों के आरोपियों के विरूद्ध की गई कार्यवाहियां प्रमुख है।
नकली पुलिस : - नकली पुलिस के क्षेत्र में कार्यवाही करते हुये नकली टी0आई0 बनकर लोंगों से धोखाधड़ी करने वाले आरोपी बलराम श्रीवास्तव, ईरानी गैंग का खुलासा करते हुये नकली पुलिस के मामले में 06 अन्य आरोपियों को भवरकुआ क्षेत्रांतर्गत पकड़ा जाना, फर्जी आर्मी का कैप्टन बनकर लोगों को धमकाने वाले आरोपी मनोज पिता फौजदार यादव, 7वीं वाहिनी भोपाल मे प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ होकर स्वयं को फर्जी तरीके से क्राईम ब्रांच इंदौर का टी0आई0 बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपी तुलाराम, नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले ठगोरे चंद्रशेखर उर्फ अनिल मालवीय पिता देवराम भंजाले उम्र 43 साल निवासी 22/1 आई जी कालोनी तहसील पंधाना जिला खंडवा को पकड़कर इस प्रकार की वारदातों पर पूर्णतः अंकुश लगाये जाने में सफलता मिली है।
संगठित अपराध करने वाली कुछ प्रमुख गैंग : -
Ø  ईरानी गैंग (नकली पुलिस बनकर धोखाधड़ीकरने वाली)
Ø  चोरी करने वाली पारदी गैंग
Ø  चैन एवं मंगलसूत्र लूटने वाली रूक्मणी गैंग
Ø  आर्म्स के प्रकरणों में सिकलीगरों के विभिन्न गिरोह
Ø  लुटेरी दुल्हन वाली गैंग
Ø  भू-ऋण पुस्तिका तैयार कर फर्जी रजिस्ट्री कराने वाली गिरोह
Ø  नकली नोट बनाकर बाजार में खपत करने वाली गैंग
Ø  मोबाईल फोन के आई00एम0आई0 बदलने वाली गिरोह
Ø  फर्जी सिम बेचने वाली गिरोह
Ø  भू माफियाओं का खुलासा
Ø  41 करोड़ के आबकारी घोटाले के प्रकरण में मुखय आरोपियों की तपासाजी व गिरफ्तारी।
Ø  फर्जी दस्तावेज तैयार करके वाहन फायनेंस करने वाली गैंग का पर्दाफाश
Ø  वाहन चोरी करने वाली गिरोहों में नन्हें उर्फ इद्गितयाक गिरोह की पतासाजी एवं चोरी गये वाहनों की बरामदगी।
Ø  फोन कॉल से विभिन्न प्रलोभन देकर लोगों से आनलाईन ठगी करने वाली गिरोह का पर्दाफाश
Ø  नाईजीरियन गिरोह के सदस्यों की पतारसी
Ø  गोडाउनों से आयल एवं विभिन्न खाद्य सामग्री चोरी करने वाले गिरोह की पतारसी
Ø  पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों की चोरी करने वाले गिरोह की धरपकड़।
Ø  शाकिर चाचा गिरोह के विभिन्न अपराधियों की पतासाजर कर उनकी गिरफ्तारी ।
Ø  सत्यनारायण लूनिया, मनोज परमार, आकाश फौजा, हेंमत यादव आदि सरगनाओं पर वैधानिक कार्यवही जोकि गैंगों को गैगों को संगठित कर अपराध किया करते थे।

फरारी एवं फरारी उदघोषित ईनामी आरोपियों  के खिलाफ पंजीबद्ध प्रकरणों में इंदौर पुलिस ने कार्यवाही करते हुये पिछले कई वर्षों से फरार चल रहे सभी महत्वपूर्ण आरोपियों की पतारसी कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इंदौर पुलिस ने लाखों रूपये ईनामी राशि के उद्‌घोषित के आरोपियों को अपने मुखबिर तंत्र व सूझबूझ से पतासाजी कर पकड़ा । इसमें 5 लाख रूपये के नाभा जेल ब्रेक काण्ड के कुखयात आरोपी नाइट्रा, कुलप्रीत को पकड़ा, इसी प्रकार 41 करोड़ के आबकारी घोटाले में फरार ईनामी आरोपियों की धरपकड़, लुटेरी दुल्हन के प्रकरण में फरार आरोपीगण, अनेकों भूमाफिया जैसे आशीष दास, अंकित श्रीवास्तव, आदि, कैप्टन विजय कुमार ओलंपिक पदक विजेता से धोखाधड़ी के प्रकरण में फरार आरोपीगणों कीपतासाजी, देश के सबसे बढ़े सट्‌टे के खुलासे में फरार आरोपी, फीनिक्स इन्फ्रा स्टेट इंटरनेशनल संचालकों की पतारसी, सहित कई उद्‌धोषित फरारी ईनामीआरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

चोरी व नकबजनी के प्रकरणों में पतासाजी : - चोरी के प्रकरणों में वर्ष 20172018 में घटित चोरी की लगभग 75 प्रतिशत से अधिक वारदातों का खुलासा किया गया है इसमें पूर्व से लंबित भी सैकड़ों वारदातों का खुलासा हुआ है। साथ ही नकबजनी के प्रकरणों में विभिन्न स्थानीय तथा राजस्थान, महाराष्ट्र व गुजरात की अंतर्राज्यीय गिरोंहों पर कार्यवाही करते हुये लगभग सभी बड़ी नकबजनी की वारदातों का खुलासा करने में सफलता मिली है। उपरोक्त अपराध शीर्ष में 2010, से लेकर अब तक की लगभग सभी नकबजनी की बड़ी बड़ी वारदातों में कार्यवाही करते हुये लगभग 85 प्रतिशत से अधिक वारदातों का खुलासा कर करोड़ो रूपये का मश्रूका बरामद किया गया है। इसमें विजयनगर, लसूड़िया के महालक्ष्मीनगर में रहवासी घरों में हुई वारदातें, भवरकुआं में पावर स्टेशन से 10 लाख का कॉपर वायर , छत्रीपुरा, सराफा में स्वर्ण वयापारी के यहां से 20 लाख की चांदी , राउ स्थित डेरी वाले के यहां 20 लाख मश्रूका की नकबजनी, राजेन्द्रनगर, अन्नपूर्णा, हीरानगर, बाणगंगा, एरोड्रम, कनाड़िया आदि की लगभग सभी घटनाओं का खुलासा कियागया है, जबकि चोरी के अपराध शीर्ष में चोरी करने वाले अतंर्राज्यीय गिरोहों की पतारसी करने के साथ ही देवास तथा धार जिले के निवासी कंजरों पर टीम गठित कर दबिश दी गई हैं जिससे सीमावर्ती जिलों के अपराधियों की इंदौर में चोरी के मामलों में सक्रियता कम हुई है साथ ही चोरी के अपराधों में संलिप्त अपराधियों का डाटाबेस तैयार किया जाकर, वारदात के तरीके तथा संदिग्धों के हुलिये मिलान के आधार पर चोरी की वारदातों की पतारसी कर करोड़ों रूपये के मश्रूका को बरामद करने में सफलता मिली है, फलतः गत वर्षों की तुलना में अभी 81 प्रतिशत मश्रूका की बरामदगी इंदौर पुलिस द्वारा की जा चुकी है।

सायबर अपराध : - सायबर अपराधों के संबंध में त्वरित तथा प्रभावी कार्यवाही करने हेतु सायबर हेल्पलाईन को प्रारंभ किया गया है, जिसका हेल्पलाईन नम्बर 7049124445 जारी किया गया इस पर ना केवल इंदौर शहर अपितु शहर के बाहर के अन्य जिलों तथा राज्यों से भी बड़ी संखया में कॉल आते हैं जिस पर सायबर अपराध तथा धोखाधड़ी से होने वाली ठगी से बचने के उपाय, ऐसी स्थिति में क्या करें, क्या ना करे? आदि के संबंध में जानकारी उपलब्धकरायी जाती है। इस पर इंदौर में क्राईम ब्रांच की सायबर सेल द्वारा हजारों शिकायतों पर कार्यवाही करते हुये ठगी के लाखों रूपये वापस कराये गये है इसके अलावा फेसबुक, व्हाट्‌सऐप, इन्स्टाग्राम व सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार तथा अश्लीलता जैसे विभिन्न मुद्‌दों के प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही की गई है। सोशल मीडिया व ठगी के परिपेक्ष्य में 1625 कुल शिकायतें प्राप्त होने पर 712 प्रकरणों की पतासाजी कर अपराधं पंजीबद्ध कराये गये एवं लगभग 25 लाख रूपये की राशी आवेदकों को सकुशल बरामद कर लौटाने में सफलता मिली है।
संजीवनी : - इंदौर पुलिस की अभिनव पहल ''संजीवनी एक कदम जीवन की ओर'' हेल्प लाइन प्रारम्भ की गई। इस हेल्पलाइन के माध्यम से इंदौर पुलिस एक मिशन के रूप में उन व्यक्तियों/युवाओं की मदद करेगी जो जीवन में नकारात्मक सोच रखकर, तनावग्रस्त महसूस कर, परिवारिक कारणों, बीमारी, नशे की लत, प्रेम प्रसंग, निराशावाद आदि कारणों से आत्म-हत्या करने जैसे कदम उठा लेते है तथा ऐसे व्यक्तियों/युवाओं जो निराशावाद एवं नकारात्मकता के कारण आत्महत्या की सोच रखते है। ''संजीवनी एक कदम जीवन की ओर'' के हेल्पलाईन नंबर - 7049108080 पर आवश्यक मदद के लिये संपर्क किया जा सकता है। संजीवनी हेल्पलाईन पर कुल 1314 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिस पर कार्यवाही करते हुये निजी/पारिवारिक व स्वैच्छिक काउसंलिंग सहित कुल 480 काउंसलिग कराई गई है जिसमें संजीवनी की टीम द्वारा तत्परतापूर्वक कार्यवाही करते हुये 89 लोगों को काल के गाल में समाने (आत्महत्या) से रोकने में सफलता मिली है।
भूमाफिया : - भू-माफिया एवं संगठित अपराधियों द्वारा शासकीय/निजी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर धन-लाभ अर्जित किया जाता रहा कई टाउनशिप, कालोनी में अवैध निर्माण तथा एक ही संपत्ति को कई बार, फर्जी तरीके से कई लोगों को बेच, देने की शिकायतें बार बार प्राप्त हो रहा थी। इस तारतम्य में कार्ययोजना तैयार कर बड़े बड़े भूमाफियाओं पर कार्यवाही करते हुये फर्जी तथा अवैध अचल संपत्ति के अपराधों में हो रही बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगाया। रितेश उर्फ चंपू अजमेरा एवं उसके अन्य साथी, आशीष दास, पुष्पेन्द्र बड़ेरा, सुमित ठाकुर, अंकित श्रीवास्तव, अमन सहगल, बब्बू छब्बू, कैलाश एवं सुरेश गर्ग, हरमीत होरा बंधु, सुधीर बुधे, विजय गौतम, अहमद जिवानी, जितेश नशीने समीर उर्फ शरीफ, चिराग शाह अरूणडगरिया, हैप्पी धवन, जैसे भूमाफियाओं पर प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही कराई गई।
अपराधियों के रिकार्ड : - अपराधियों के रिकार्ड संधारण के लिये आनलाईन तथा आफलाईन व्यवस्था चालू की गई जिसमें संपत्ति तथा मानव शरीर के विरूद्ध घटित अपराधों में अलग अलग गत तीन वर्षों से सक्रिय अपराधियों का डाटाबेस तैयार कराया गया है। इसमें डोजियर भरने के साथ ही थाना स्तर से जानकारी एकत्रित कर आरोपियों का डाटा तैयार कर उनके फोटो एल्बम जारी कराये गये हैं जिसमें उनके वारदात करने का तरीका, किस प्रकार की वारदातें करते हैं आदि का विवरण, नाम पता थाना, गिरोह, अपराध सूची आदि का वर्गीकरण किया गया है। इसके अलावा इंदौर जिलें में संगठित अपराध करने वाले गैंगों की पतारसी कर 10 अपराधियों की गैंग हिस्ट्रीशीट भी तैयार करवाई गई है।
इंदौर में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाली विभिन्न सक्रिय गिरोहों का सफाया किया गया।
Ø  मनोज नाईट्रा गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी।
Ø  शाकिर चाचा गिरोह का सफाया किया गया।
Ø  ईरानी गैंग का सफाया।
Ø  हेमंत यादव गैंग के विरूद्ध कार्यवाही।
Ø  युवराज उस्ताद गैंग के खिलाफकार्यवाही।
Ø  मनोज परमार गैंग का सफाया।
Ø  नानगुरू गैंग के विरूद्ध के कार्यवाही।
Ø  सत्यनारायण लूनिया गैंग का सफाया।
Ø  सतीश भाउ गैंग के विरूद्ध कार्यवाही।
Ø  पादरी गैंग के सदस्यों की पहचान कर गिरफ्तारी।
Ø  चादर गैंग का सफाया।



आदतन अपराधियों के अवैध कब्जों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही : - इन्दौर जिले में असमाजिक तत्वों एवं गुण्डों के विरूद्ध अभियान के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि शहर के नामचीन गुण्डों द्वारा शासकीय जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर अपनी अवैध संपत्ति द्वारा व्यवसायिक एवं रहवासी भवनों का निर्माण कर लिया है। इन्दौर पुलिस द्वारा 686 निगरानी बदमाशों एवं 1815 गुण्डों को चिन्हित कराया जाकर उनकी अवैध संपत्ति की जानकारी प्राप्त की गई। उक्त अवैध निर्माण एवं कब्जे की जानकारी को नगर निगम इन्दौर एवं जिला प्रशासन इन्दौर के साथ समन्वय स्थापित कर चिन्हित किया जाकर चरणबद्ध तरीके से अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की योजना तैयार की गई।
06 जुलाई 2017 से पुलिस विभाग द्वारा नगर निगम एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर लगभग 100 से अधिक गुण्डों के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्यवाहीं की गई है। इसकार्यवाहीं के दौरान करोड़ो की शासकीय संपत्ति को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया हैं। उक्त कार्यवाहीं का असर पूरे इन्दौर शहर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला है पुलिस की इस कार्यवाहीं से सक्रिय गुण्डों की आपराधिक गतिविधियों में तेजी से कमी परिलक्षित हो रही हैं। इस कार्यवाहीं से न केवल अपराधों में कमी परिलक्षित हो रही है बल्कि अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के संगठित अपराधियों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली हैं।

आलंबन - सीनियर सिटीजन सिल्वर कार्ड : -
समाज के वरिष्ठ नागरिकों की सहायता और उनकी सुरक्षा हेतु हेल्प लाईन की शुरूआत जिले में की गई। जिसमें समाज के वरिष्ठ नागरिक एवं ऐसे वृद्ध दम्पति जिनकी देख-भाल के लिए कोई उनका रिद्गतेदार या परिवारजन नहीं हो उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए इंदौर पुलिस चिंतित है इसलिये पुलिसकर्मियों को स्वेच्छा से उेसे वृद्धजनों को गोद लेकर उनकी मदम करने हेतु उत्प्रेरित किया गया है। देश में पहली बार सीनियर सिटीजन की सुरक्षा व देखभाल के लिये इंदौर पुलिस ने यी अनूठी योजना शुरू की है। पुलिस व नगर सुरक्षा ममिति के सदस्य नियमित रूप से कसलवर कार्ड धारीसीनियर सिटीजन के हालचाल जानेगें व उनके घरेलू काम सहित अन्य परेशानियों को भी दूर करेंगें। इसमें पुलिस ने अस्पताल, मेडीकल दुकान तथा पैथालाजी से भी एमओयू साईन किया है जिस पर दस से चालीस प्रतिशत तक की छूट प्रदाय की जाती है।
अब तक हजारों सीनियर सिटीजन को सिल्वर कार्ड प्रदान किये गये है। आलम्बन में मनौवैज्ञानिक तरीके से एवं मानवीय दृष्टिकोंण रखते हुए काउन्सलिंग कर कानूनी कार्यवाही की जाती है।
शांति एवं कानून व्यवस्था : - इंदौर शहर की बढ़ती हुई आबादी तथा विस्तृत क्षेत्र सुरक्षा व्यवस्था के मायनों में इंदौर पुलिस के लिये दिनों दिन चुनौती बनता जा रहा था। व्यापक पैमाने पर समुचित सुरक्षा व्यवस्था तथा बेहतर पुलिसिंग के लिये इंदौर पुलिस ने कई नवाचार किये परिणास्वरूप इंदौर में गत वर्षो में शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति के दौरान संपूर्ण आयोजन सकुशल आयोजित हुये। इसमें प्रमुखतः नगरीय निकाय चुनाव, अनंत चतुर्दशी, रंगपंचमी, वीआईपी/वीवीआईपी की राजनैतिक रैलियां, अंतर्राष्ट्रीय/आईपीएल क्रिकेट मैच, विधानसभा चुनाव, बोहरा समाज के धर्मगुरू सैयदना के सम्मेलन में, किसान आंदोलन, एससी/एसटी एक्ट आंदोलन,सांप्रदायिक उपद्रव, तथा विभिन्न त्यौहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का उत्कृष्ट इंतजाम किया गया जिससे इंदौर में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ रही।

स्टूडेण्ट पुलिस कैडेट योजना : - इस योजना के ंअंतर्गत 13 शासकीय स्कूलों के 256 विद्यार्थिंयों जोकि माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थी हैं उनको जोड़कर सामुदायिक पुलिसिंग, व्यक्तित्व विकास, तथा आत्मरक्षा से संबंधित सेमीनार आयोजित कर प्रशिक्षित किया जा रहा है।

पशु क्रूरता हेल्पलाईन : - बेजुबान जानवरों पर होने वाली क्रूरता तथा उत्पीड़न को रोकने के उद्‌देद्गय से इंदौर पुलिस ने देशभर में पहला पशु हेल्पलाईन केन्द्र स्थापित किया है जिसका हेल्पलाईन नम्बर 9479713971 जारी किया गया है इस पर सीधे पशुओं पर होने वाले अत्याचार तथा उत्पीड़न के संबंध में आवद्गयक मदद तथा वैधानिक कार्यवाही हेतु पुलिस तक सूचना पहुंचाई जा सकती है। इंदौर पुलिस द्वारा नगर निगम, वन विभाग व कई एनजीओं से समन्वय स्थापित कर इस हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों पर घायल या पीड़ित पशुओं का सुविधा मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है।

ट्राफिक संबंधी उपलब्धियां : -
इंदौर पुलिस को शहरी आवासन मंत्रालयद्वारा सड़क सुरक्षा बढ़ाने हेतु अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया जाकर इंदौर पुलिस को देश की बेहतरीन ट्राफिक व्यवस्था के लिये सम्मानित किया गया।
Ø  कुल चालान : - 1,85,048 /-
Ø  समझौता शुल्क : - 6,44,38,250 / -
Ø  शराब चालान : - 3,542/-
Ø  लायसेंस निरस्तीकरण :- 4058/-
Ø  हूटर चालान :- 83/-
Ø  मोबाईल पर बात करने वाले चालान : - 4395
Ø  नाबालिग द्वारा वाहन चलाना : - 223
Ø  प्रेशर हॉर्न : - 757
Ø  रेश ड्राईविंग : - 361
Ø  आर एल वीडी ई नोटिस : - 35526 समझौता शुल्क : - 1,93,65,500
Ø  यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये किये गये नवाचार : -
Ø   सिटीजन कॉप एप्प पर 02 लाख लोगों को शपथ।
Ø   येलो स्मार्ट कार्ड का चलन।
Ø   इन्फोर्समेण्ट व्हीकल (मोटरसायकल)
Ø   परमिट निरस्तीकरण।
Ø   रोबोट स्मार्ट सिग्नल।
Ø   ब्लैक स्पॉट आडिट ड्रोन द्वारा।
Ø   जगरूकता अभियान के तहत 8 लाख 85 हजार लोगों को जोड़ना।
Ø   ट्रामा केयर प्रशिक्षण।
Ø   याततयात प्रवंधन के तहत चौराहों/तिराहों का नवीनीकरण।
Ø   नये चौराहों का विकास करने हेतु चयन करना।
Ø   लेक परिवहन वाहनों का चरित्र सत्यापन।
Ø  लोक परिवहनवाहनों/स्कूली बस चालकों, परिचालकों का एक साथ डेढ़ लाख लोगों को प्रशिक्षण।

दुर्घटनाओं में कमी

Ø  वर्ष 2015 को आधार मानकर सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिये किये गये प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2018 में सड़क दुर्घटनाओं में 44.03 प्रतिशत की कमी आई है तथा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में 31.53 प्रतिशत की कमी आई है।
Ø   इंदौर पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु किये गये प्रयासों के लिये शहरी आवासन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ''राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरूस्कार'' से सम्मानित किया गया है।