Sunday, August 2, 2015

कॉम्बिंग गश्त के दौरान, लम्बे समय से फरार दो आरोपी पुलिस थाना बेटमा की गिरफ्‌त में



इन्दौर-दिनांक 02 अगस्त 2015-पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में इन्दौर पुलिस द्वारा शहर में गुंडे, बदमाशों एवं असामाजिक तत्वों की अपराधिक गतिविधियों पर नियत्रंण हेतु वाहन चैंकिग एवं कॉम्बिंग गश्त की कार्यवाहीं की जा रही है। इसी के अन्तर्गत पुलिस थाना बेटमा द्वारा काम्बिग गश्त के दौरान लम्बे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
पुलिस थाना बेटमा द्वारा कॉम्बिंग गश्त के दौरान थाना बेटमा के धारा 304-ए एक्सीडेंट के एक प्रकरण में 10 साल से फरार आरोपी मनोज पिता श्यामलाल निवासी धार नाका महूं तथा मारपीट के एक प्रकरण में आठ साल से फरार आरोपी कालू उर्फ कृष्णा पिता बापूसिंह निवासी नाहरखेड़ी हातोद को गिरफ्‌तार किया है।
उक्त आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी बेटमा श्री राजकुमार यादव के नेतृत्व में उनकी टीम का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।

दिन दहाड़े सियागंज मे हुई लूट के प्रयास की घटना का पर्दाफाश, लूट के चारों अपराधियों को अवैध हथियार सप्लाय करने वाले तीन आरोपियों सहित कुल सात आरोपी गिरफ्‌तार


इन्दौर-दिनांक 02 अगस्त 2015-पुलिस थाना सेन्ट्रल कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 21.07.15 को सियागंज में शिव सुपारी स्टोर्स पर हुई लूट के प्रयास की घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्‌तार करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है।
                दिनांक 21.07.15 को सियागंज में शिव सुपारी स्टोर्स  के आफिस पर दिन दहाडे़ लूट की कोशिश की गई थी। घटना दिनांक को मौके पर ही एक आरोपी राधेश्याम उर्फ बाबा पाल पिता मोहनलाल पाल निवासी गडरिया मोहल्ला इन्दौर को लोगो ने एक देशी पिस्टल सहित पकड़ लिया था। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया था। उक्त घटना पर पुलिस थाना सेन्ट्रल कोतवाली पर आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 225/15 धारा 393 भादवि व 25,27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
                घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा प्रकरण के अन्य आरोपियों की पतारसी कर गिरफ्‌तारी करने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये। उक्त निर्देश पर पुलिस अधीक्षक पूर्व श्री ओ.पी. त्रिपाठी, अति. पुलिस अधीक्षक पूर्व जोन-2 श्री बिट्‌टू सहगल एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रभा चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सेन्ट्रल कोतवाली के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने पकडे़ गए आरोपी राधेश्याम पाल से पूछताछ की तो उसने बताया कि उक्त घटना में उसके साथ दीपक पटेल, विष्णु उपाध्याय और राकेश जादम भी शामिल थे। घटना पर मौके से दीपक पटेल फायर कर भाग गया था, जिसे पुलिस टीम ने गिरफ्‌तार कर उससे पूछताछ की गई तो दीपक ने घटना के संबंध में कई चौकाने वाली जानकारी दी।
                आरोपी दीपक ने बताया कि घटना का मास्टर माईंड जीएनटी मार्केट स्थित रघुनाथ इंडस्ट्रिज का मालिक विष्णु पिता बद्रीलाल उपाध्याय है। उक्त घटना की योजना एक महीने पूर्व जीएनटी मार्केट स्थित विष्णु उपाध्याय की फैक्ट्री पर बनाई गई थी। योजना में विष्णु उपाध्याय की फैक्ट्री में काम करने वाला दीपक पटेल, विष्णु का दोस्त राकेश जादम, राधेश्याम पाल तथा स्वयं विष्णु भी शामिल था। विष्णु को यह मालूम था कि आफिस में लाखो रूपयों का लेन-देन होता है। योजना के अनुसार दीपक व राधेश्याम शिव सुपारी के आफिस में अंदर घुसेगें, विष्णु व राकेश बाहर रहेगें, दीपक रूपयों से भरे बैग को लेकर आफिस के पास वाली गली से भागेगा और गली में खड़े विष्णु या पटेल ब्रिज पर खडे़ राकेश की गाड़ी पर बैठकर विष्णु की फैक्ट्री पहुच जायेगा और राधेश्याम दूसरी तरफ भाग जायेगा। घटना में उपयोग किया गया बैग विष्णु खरदीकर लाया था तथा पिस्टल व  कारतूस का इंतजाम राकेश जादम ने किया था। आरोपी घटना के एक दिन पूर्व ही दिनांक 20.07.15 को घटना को अंजाम देना चाहते थे और इसके लिये चारो लोग सियागंज पहुंचे भी थे और शराब पी रहे थे, लेकिन दीपक को ज्यादा नशा हो जाने के कारण घटना को अंजाम नहीं दे सके। दिनांक 21.07.15 को उक्त चारों विष्णु की फैक्ट्री पर इकट्‌ठा हुए, विष्णु ने दीपक और राधेश्याम को पहले रैकी करने के लिये सियागंज रवाना किया। फिर विष्णु व राकेश अलग-अलग वाहनों से सियागंज पहुंचे। विष्णु ने दीपक को फोन करके सैफी चौराहा के पास बुलाया और एक काले रंग का बैग जिसमें दो पिस्टल व राउंड रखे थे, उसे दिया। फिर योजना के मुताबिक विष्णु और राकेश जादम अपने वाहनों के साथ अलग-अलग खड़े हो गये। दीपक और राधेश्याम मोटर सायकल से शिव सुपारी के आफिस में पहुंचे, दोनों ने पिस्टल निकालकर आफिस में मौजूद लोगों को डर दिखाकर, बैग में रूपयें लेकर भागने लगे तभी वहां जमा लोगों ने राधेश्याम को पिस्टल सहित पकड़ लिया, लेकिन दीपक फायर कर भागने में सफल हो गया।
                पुलिस ने विष्णु व राकेश जादम को गिरफ्‌तार कर पूछताछ की तो उनके द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार किया।  राकेश जादम से घटना मे प्रयुक्त की गई पिस्टल के संबंध में पूछताछ की गई तो, उसने वह सदर बाजार इंदौर निवासी निजाम से खरीदना बताया। पुलिस ने निजाम को पकड़ा तो उसने पिस्टल व राउंड बब्बू यादव निवासी अर्जुन पल्टन जिंसी से खरीदना बताया। जब बब्बू यादव से पूछताछ की गई तो उसने वह अर्जुन मालवीय निवासी मुखर्जी नगर बाणगंगा इन्दौर से खरीदना बताया। इसी कड़ी में जब अर्जुन मालवीय से पूछताछ की गई तो वह उसने गोलू विशवकर्मा निवासी निरंजनपुर इंदौर से खरीदना बताया। गोलू वर्तमान में दाहौद (गुजरात) जेल में बंद है, जिसे पुलिस द्वारा दाहौद जेल से लाकर पूछताछ की जायेगी। इस प्रकार पुलिस थाना कोतवाली की टीम द्वारा अवैध हथियार सप्लाय करने वाली एक चैन का खुलासा भी किया हैं। पुलिस को लूट के आरोपियों को आफिस में रूपयें होने की सूचना देने के संबंध में वहीं के एक कर्मचारी पर शक है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
                उक्त लूट का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्‌तार करने में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सेन्ट्रल कोतवाली श्री तारेश कुमार सोनी के नेतृत्व में उनि लक्ष्मणसिंह, सउनि महेश चौहान, आर. विक्रमसिंह, आर. राहुलसिंह, आर. शेरसिंह, आर. महेश, आर. जितेन्द्र तथा आर. सतीश का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।


27 साल पुराने प्रकरण का गैर जमानती वारंट तामिल, वारंटी की वर्ष 1998 में ही मृत्यु हो चुकी थी, जिसे पुलिस ने ढूढ निकाला


इन्दौर-दिनांक 02 अगस्त 2015-पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री संतोष कुमार सिंह के निदेश के तारतम्य में इन्दौर पुलिस द्वारा की जा रही स्थाई एवं फरार वांरटीयों की धरपकड़ कार्यवाहीं के अन्तर्गत पुलिस थाना भंवरकुआं द्वारा आज दिनांक 02.08.15 को करीब 27 साल पुराने प्रकरण के फरार गैर जमानती वारंटी सालकराम पिता सेवाराम निवासी नैनोद इंदौर का पता लगाकर वारंट तामिल करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
उक्त आरोपी सालकराम पुलिस थाना भंवरकुआं के अपराध क्रं. 394/1988 धारा 341, 323 भादवि मे फरार था, इसके विरूद्ध माननीय न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी किया गया था। आरोपी की लगातार पतारसी करने के बाद भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। पुलिस को उक्त वारंटी के साले सुरेश के बारे में पता चला, तो आज उससे यह जानकारी मिलीं कि वारंटी सालकराम की दिनांक 04.11.1998 को मृत्यु हो चुकी है, जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है। इस प्रकार पुलिस द्वारा इतने लम्बे समय से फरार चल रहे वारंटी को ढूढ़ निकालने में सफलता प्राप्त हुई।
उक्त वारंटी की पतारसी करने में थाना प्रभारी भंवरकुआ श्री राजेन्द्र सोनी के मार्गदर्शन में  प्रधान आरक्षक ज्ञानसिंह की सराहनीय भूमिका रही।

क्रिकेट का सट्‌टा खाते मिला एक आरोपी गिरफ्‌तार, 90 हजार रूपयें नगदी, चार मोबाईल फोन, एक एलईडी तथा एक लेपटाप बरामद

इन्दौर-दिनांक 02 अगस्त 2015-पुलिस थाना जूनी इन्दौर क्षेत्रान्तर्गत हरिओम अपार्टमेंट के फ्‌लेट क्रं. 106 काटजू कालोनी इन्दौर में पाकिस्तान-श्रीलंका क्रिकेट मैच का सट्‌टा खेला जा रहा है, यह सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर अति. पुलिस अधीक्षक अपराध शाखा  श्री विनय प्रकाश पाल के मार्गदर्शन में गठित क्राईम ब्रांच इन्दौर व पुलिस थाना जूनी इन्दौर की संयुक्त टीम द्वारा दबिश  दी गई तो वहा एक व्यक्ति पाकिस्तान-श्रीलंका के क्रिकेट मैच का नोट बुक पर रूपय-पैसो से हार जीत का सट्‌टा लगाते मिला, जिसका नाम पूछने पर उसने अपना नाम अजय पिता जयपालदास फरियानी (34) निवासी 182 उषा नगर एक्सटेंशन हाल 106 काटजू कालोनी इन्दौर बताया। पुलिस द्वारा इसके कब्जे से 90 हजार रूपयें नगदी, चार मोबाईल फोन, एक एलईडी, एक लेपटाप तथा करीब 8 लाख के सट्‌टे का हिसाब लिखा मिला है।
                आरोपी अजय ने पूछताछ पर अपने दो अन्य साथियों हरिश खुमानी निवासी न्यू रानीबाग इन्दौर तथा डैनी जिसकी सीतलामाता में साड़ी की दुकान है के नाम बताये है।आरोपी इन दोनों के साथ मिलकर उक्त क्रिकेट मैच का सट्‌टा खा रहे थे, जिससे होने वाले लाभ हानि के ये आपस में बराबर हिस्सेदार है। पुलिस द्वारा तीनो आरोपियों के विरूद्ध सट्‌टा एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर एक आरोपी अजय फरियानी को गिरफ्‌तार किया गया है। आरोपी हरिश और डैनी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।